Please wait
बरूईपुर दुष्कर्म और हत्या मामला : पीड़िता के परिजनों से मिलीं भाजपा नेता लाकेट चटर्जी और मंत्री अग्निमित्रा पाल Sudhir wins historic पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, किशोरी को जीवित ही तालाब में फेंका Sudhir wins historic अभिषेक बनर्जी के जांच में सहयोग नहीं करने पर सवाल, हाई कोर्ट ने दी आवाज का नमूना देने की नसीहत Sudhir wins historic बरूईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला : डीजी सिध्दनाथ गुप्ता ने किया घटनास्थल का निरीक्षण Sudhir wins historic फीफा विश्व कप 2026: ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार जूनियर ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास Sudhir wins historic बारुईपुर नाबालिग हत्याकांड : 6 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित, एक और आरोपित गिरफ्तार Sudhir wins historic शादी के बंधन में बंधे आमिर खान और गौरी स्प्रैट Sudhir wins historic बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट, तटीय जिलों में प्रशासन सतर्क Sudhir wins historic तृणमूल प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद चंद्रिमा भट्टाचार्य ने ऋतब्रत बनर्जी गुट के नेताओं से की मुलाकात, अटकलें तेज Sudhir wins historic वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू करते ही रचा इतिहास, तोड़ा सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना महारिकॉर्ड Sudhir wins historic

सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने राज्य के सभी ब्रिज और कलवर्ट के ऑडिट का दिया निर्देश

इस संबंध में रोड सेफ्टी कमेटी के सचिव संजय मित्तल ने राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि हर पुल और कलवर्ट की स्वास्थ्य जांच की एक वार्षिक योजना बनाकर उसे केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को सौंपा जाए।

11 Jun 2025

सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने राज्य के सभी ब्रिज और कलवर्ट के ऑडिट का दिया निर्देश

कोलकाता। राज्य में पुलों और कलवर्ट की सुरक्षा को लेकर रोड सेफ्टी कमेटी ने बड़ा कदम उठाया है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कमेटी ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि राज्य सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन आने वाले सभी फ्लाईओवर, ब्रिज और कलवर्ट का हर तीन साल में कम से कम एक बार तकनीकी ऑडिट किया जाना अनिवार्य होगा।

इस संबंध में रोड सेफ्टी कमेटी के सचिव संजय मित्तल ने राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि हर पुल और कलवर्ट की स्वास्थ्य जांच की एक वार्षिक योजना बनाकर उसे केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को सौंपा जाए।

कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुलों की जांच आईआरसी (इंडियन रोड कांग्रेस) मानकों के अनुसार की जानी चाहिए, ताकि संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन सटीक तरीके से किया जा सके। नवान्न सूत्रों के मुताबिक राज्य में फिलहाल 2200 से अधिक छोटे-बड़े पुल मौजूद हैं, जिनके रखरखाव की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पास है।

राज्य सरकार पहले से ही हर साल मानसून से पहले इन पुलों की रूटीन स्वास्थ्य जांच करती है। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट की कमेटी चाहती है कि यह प्रक्रिया और अधिक व्यवस्थित और गंभीर हो, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना को टाला जा सके।

लोक निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार ऑडिट के दौरान पुल और कलवर्ट की प्रत्येक संरचनात्मक इकाई की गहराई से जांच की जाती है। जहां कहीं भी क्षरण, दरार या किसी प्रकार की कमजोर संरचना देखी जाती है, उसे चिह्नित किया जाता है। कई बार दोष केवल आंखों से नहीं दिखते, इसलिए ध्वनि और स्पर्श तकनीक का उपयोग किया जाता है — जैसे हथौड़े से मारकर ध्वनि में बदलाव के माध्यम से दरार की पहचान करना।

हर ऑडिट के अंत में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाती है, जिसमें संरचना की वर्तमान स्थिति, पाए गए दोष, संबंधित फोटो और भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों का उल्लेख होता है।

गौरतलब है कि सितंबर 2018 में कोलकाता के बीचोंबीच स्थित माझेरहाट ब्रिज के गिरने की घटना ने राज्य सरकार को पुलों की सेफ्टी को लेकर सतर्क कर दिया था। उसके बाद से हर मानसून से पहले पुलों का निरीक्षण अनिवार्य कर दिया गया था।

अब सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद यह व्यवस्था और मजबूत होने जा रही है। सरकार को सालाना रिपोर्ट केंद्र को भेजनी होगी, जिसमें हर पुल की स्थिति, मरम्मत की आवश्यकता, संरचनात्मक बदलाव आदि का स्पष्ट विवरण होगा।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने राज्य के सभी ब्रिज और क
इस संबंध में रोड सेफ्टी कमेटी के सचिव संजय मित्तल ने राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत को एक पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि हर पुल और कलवर्ट की स्वास्थ्य जांच





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News