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इनके अन्य साथियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है
कोलकाता। सियालदह से कुछ दिनों पहले हथियार के साथ गिरफ्तार पांच युवकों से पूछताछ के बाद पता चला था कि वे बड़ाबाजार के एक व्यापारी को निशाना बनाने आये थे। इस घटना के कुछ ही दिनों बाद फिर बड़ाबाजार से उत्तर प्रदेश के ही रहने वाले तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश के शूटरों के निशाने पर बड़ाबाजार के व्यापारी हैं? क्या दो सप्ताह पहले वारदात को अंजाम देने से पहले हुई गिरफ्तारी के बाद फिर से शूटरों की दूसरी टीम बड़ाबाजार भेजी गयी थी? दरअसल शुक्रवार देर रात कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़ाबाजार इलाके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपित उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और उनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोलियां बरामद हुई हैं। एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि कल रात एमजी रोड पर गुरुद्वारा के सामने पहले से मिली सूचना पर एसटीएफ ने एक यूपी नंबर की टोयेटा का रोकी। यहां कार में सवार गाजीपुर के संतोष सहनी (37), जीतेन्द्र कुमार (38) और मउ के मनोज कुमार (46) सवार थे। उनके पास से कार जो संयुक्त रूप से उनके कब्जे में थी, से कुल दो आग्नेयास्त्र, 4 खाली मैगजीन और 17 राउंड गोला-बारूद बरामद किया गया। यह कार्रवाई पुलिस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जो अवैध हथियारों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए चलाया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए तीनों व्यक्तियों के खिलाफ आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को पूछताछ के लिए एसटीएफ हिरासत में भेज दिया गया है।
एसटीएफ मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये हथियार कहां से लाए गए थे और किन लोगों को सप्लाई किए जाने थे। इनके अन्य साथियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।