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आरजी कर में फिर मची चीख-पुकार, बदहाली की भेंट चढ़ती सुरक्षा व्यवस्था

लिफ्ट में मौत के बाद अब 'शॉर्ट सर्किट' का खौफ

13 Apr 2026

आरजी कर में फिर मची चीख-पुकार, बदहाली की भेंट चढ़ती सुरक्षा व्यवस्था

कोलकाता। आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल इन दिनों इलाज से ज्यादा हादसों के केंद्र के रूप में सुर्खियां बटोर रहा है। शनिवार की देर रात अस्पताल परिसर एक बार फिर उस समय थर्रा उठा, जब ओपीडी के दवा काउंटर के पास से जलने की तीखी गंध और फायर अलार्म की गूंज ने सन्नाटे को चीर दिया। गनीमत रही कि उस वक्त ओपीडी भवन के भीतर कोई मरीज मौजूद नहीं था, लेकिन बाहर गलियारों में सो रहे तीमारदारों और परिजनों के बीच मची भगदड़ ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी। रात करीब 11 बजे हुए इस घटनाक्रम ने सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ और अस्पताल प्रशासन को पसीने ला दिए। आग की आशंका को देखते हुए आनन-फानन में पूरे भवन की बिजली काट दी गई और बंद कमरों के दरवाजे तोड़कर अंदर सघन तलाशी ली गई। हालांकि, लपटें तो नहीं मिलीं, लेकिन शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को धुएं और अलार्म की वजह माना जा रहा है। भले ही एक बड़ा हादसा टल गया हो, लेकिन इस घटना ने उन जख्मों को फिर से हरा कर दिया है जो पिछले कुछ दिनों में अस्पताल की लापरवाही के कारण मरीजों और उनके परिजनों को मिले हैं। अस्पताल की साख पर सबसे बड़ा धब्बा हाल ही में हुई वह दर्दनाक मौत है, जिसमें लिफ्ट खराब होने के कारण एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। उस हादसे ने यह साफ कर दिया था कि अस्पताल के तकनीकी स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों के बीच समन्वय का भारी अभाव है। 
आलम यह है कि एक ही हफ्ते में कई बार लिफ्ट बंद होने और मरीजों के फंसने की खबरें आम हो चुकी हैं। बार-बार की तकनीकी खराबी और मेंटेनेंस की अनदेखी अब जानलेवा साबित हो रही है, जिससे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच भी गहरा असंतोष है। इन तमाम घटनाओं की कड़ी को जोड़कर देखें तो आरजी कर अस्पताल का बुनियादी ढांचा अब जवाब देता नजर आ रहा है। मरम्मत की फाइलों पर जमी धूल और सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति ने अस्पताल को बारूद के ढेर पर खड़ा कर दिया है। बार-बार होने वाले ये छोटे हादसे किसी बड़े और भयावह खतरे की आहट हैं। यदि प्रशासन ने लिफ्ट की खराबी से लेकर बिजली के जर्जर तारों तक की सुध जल्द नहीं ली, तो भविष्य में किसी बड़ी मानवीय त्रासदी को टालना नामुमकिन होगा।

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