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13 जोन में बांटकर होगी निगरानी, ड्रोन के जरिये आसमान से निगरानी
कोलकाता। कोलकाता में इस बार 15 अगस्त के अवसर पर सुरक्षा इंतज़ाम किलेबंदी जैसे होंगे। हर साल की तरह इस बार भी स्वतंत्रता दिवस से पहले और कार्यक्रम के दिन राजधानी को कड़ी सुरक्षा में ढक दिया जाएगा, लेकिन इस बार सुरक्षा स्तर और भी ऊंचा रखा गया है। खासतौर पर रेड रोड, जहां मुख्य कार्यक्रम आयोजित होता है को 13 ज़ोन में बांटा गया है ताकि हर हिस्से पर बारीकी से नजऱ रखी जा सके। रेड रोड और उसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा। प्रत्येक ज़ोन में एक आईपीएस अधिकारी और एक इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की तैनाती होगी।
इनके अलावा संयुक्त पुलिस आयुक्त स्तर के अफसर और कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। रेड रोड और आस-पास के इलाकों में पुलिस बूथ बनाए जाएंगे, जहां से लगातार निगरानी होगी। 14 अगस्त की रात से ही शहर के प्रमुख और संवेदनशील रास्तों पर नाका चेकिंग शुरू कर दी जाएगी। गाडिय़ों की तलाशी, पहचान पत्र की जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजऱ रखी जाएगी। मेट्रो स्टेशनों पर भी अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा कर्मचारी तैनात होंगे, ताकि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर किसी भी तरह की घटना को रोका जा सके।
रेड रोड और उसके आसपास के क्षेत्रों में 9 पीसीआई वैन लगातार गश्त करेंगी। साथ ही 6 वॉच टावर बनाए जा रहे हैं, जहां से ऊंचाई से निगरानी की जाएगी। कार्यक्रम देखने आने वाले लोगों के लिए डफ़रिन रोड बास्केटबॉल ग्राउंड में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि यातायात पर दबाव न पड़े और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। इस साल सुरक्षा को और सख़्त करने के पीछे हाल की घटनाएं भी अहम कारण हैं। 22 अप्रैल को बासरान में पर्यटकों की आतंकियों ने चुन-चुन कर हत्या कर दी थी। इसके बाद भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूरÓ चलाया। इस कार्रवाई के कुछ दिन बाद पाकिस्तान ने आतंकियों का समर्थन करते हुए भारत के साथ तनाव बढ़ा दिया। भारत-पाकिस्तान के बीच इस हालिया टकराव के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस है, इसलिए पुलिस सुरक्षा के किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहती।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख़्त रखी जाएगी कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु को कार्यक्रम स्थल के आसपास आने से पहले ही पहचानकर रोका जा सके। ड्रोन, सीसीटीवी और मोबाइल सुरक्षा टीमों की मदद से चौबीसों घंटे निगरानी होगी। यह सख़्त सुरक्षा व्यवस्था न सिर्फ स्वतंत्रता दिवस समारोह को सुरक्षित बनाने के लिए है, बल्कि देश और राज्य में मौजूद सुरक्षा बलों की तत्परता और क्षमता का भी प्रतीक होगी।