अंडा फेंकने की घटनाओं पर कलकत्ता हाई कोर्ट सख्त, राज्य सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
गंदगी और जलजमाव को लेकर जनता ने उतारा गुस्सा
कोलकाता। चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत होते ही बाली विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल के लिए मुश्किलें खड़ी होती दिख रही हैं। बुधवार को बाली से टीएमसी उम्मीदवार कैलाश मिश्रा जब लिलुआ इलाके में वोट मांगने पहुंचे, तो उन्हें स्थानीय निवासियों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा। चुनाव प्रचार के पहले ही दिन जनता के इस तीखे तेवर ने सत्ताधारी दल के खेमे में चिंता बढ़ा दी है। लिलुआ के निवासियों ने उम्मीदवार को घेरकर इलाके की बदहाल स्थिति पर सवालों की बौछार कर दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। सड़कों पर फैला कचरा, नालियों की गंदगी और मानसून के दौरान होने वाला भारी जलजमाव यहाँ की स्थाई समस्या बन चुकी है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव आते ही नेता वादे करने आ जाते हैं, लेकिन सालों से गंदगी के ढेर के बीच जी रहे लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। विरोध की गंभीरता को देखते हुए कैलाश मिश्रा ने मोर्चा संभालने की कोशिश की और मौके पर ही लोगों को आश्वासन दिया। उन्होंने वादा किया कि अगले सात दिनों के भीतर इलाके का सारा कचरा साफ करा दिया जाएगा और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रेनेज सिस्टम ठीक होने के बाद सड़कों को ऊंचा करने का काम भी प्राथमिकता के आधार पर शुरू होगा। हालांकि, स्थानीय निवासी उनके इन आश्वासनों से संतुष्ट नजर नहीं आए। कई लोगों ने तंज कसते हुए पूछा कि जो काम पांच साल में नहीं हो सका, वह अब चुनाव के समय सात दिन में कैसे संभव होगा? बाली विधानसभा में सफाई, ड्रेनेज और सड़कों की जर्जर हालत इस बार चुनावी बहस के सबसे बड़े मुद्दे बनकर उभरे हैं। पहले ही दिन हुए इस विरोध ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कैलाश मिश्रा के लिए इस बार राह आसान नहीं होने वाली है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीएमसी उम्मीदवार अपने वादों से जनता का भरोसा जीत पाते हैं या यह जन आक्रोश विपक्षी दलों के लिए फायदे का सौदा साबित होता है।