शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने पीडि़त बुजुर्ग को जबरन कई पॉलिसी लेने पर मजबूर किया
कोलकाता। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कोलकाता नगर निगम के पार्षदों और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में नारकेलडांगा थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए वार्ड नंबर 56 के टीएमसी पार्षद स्वपन समाद्दार को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास और छेड़छाड़ जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने मंगलवार रात एक स्थानीय महिला द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए बुधवार को स्वपन समाद्दार को फूलबागान इलाके से हिरासत में लिया और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस आरोपी पार्षद को लेकर नारकेलडांगा थाने पहुंची, तो वहां मौजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उग्र भीड़ ने स्वपन समाद्दार पर सड़े अंडे फेंके और चोर-चोर के नारे लगाए। स्वपन समाद्दार साल 2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजों के दिन हुई भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार की सनसनीखेज हत्या के मामले में भी सीबीआई की चार्जशीटेड आरोपियों में शामिल हैं।
स्वपन समाद्दार की गिरफ्तारी के साथ ही राज्य में नई सरकार के आने के बाद से अब तक कोलकाता और साल्टलेक क्षेत्र के 10 से ज्यादा निगम पार्षदों को अलग-अलग मामलों में जेल भेजा जा चुका है। इसी सिलसिले में एक और बड़ी कार्रवाई वार्ड नंबर 63 की टीएमसी पार्षद और बोरो चेयरपर्सन सुष्मिता भट्टाचार्य चटर्जी और उनके पति सलिल चटर्जी पर हुई है। वाटगंज थाना पुलिस ने दोनों को एक बुजुर्ग से करीब 30 लाख रुपये की रंगदारी वसूलने, धोखाधड़ी करने और उनके साथ मारपीट व गंभीर धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने पीडि़त बुजुर्ग को जबरन कई पॉलिसी लेने पर मजबूर किया। जब पीडि़त ने और पैसे देने से मना किया, तो उनके साथ सरेआम मारपीट की गई, कान पर गंभीर चोट पहुंचाई गई और उनकी बेटी को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई। बंगाल के बदले सियासी हालात के बीच पुलिस इन सभी मामलों में पूरी मुस्तैदी से जांच को आगे बढ़ा रही है, जिससे विपक्षी खेमे में हड़कंप मचा हुआ है।