एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म
मुख्यमंत्री ने सभी आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है
कोलकाता। नीट प्रश्नपत्र लीक और शिक्षा क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में शनिवार को कोलकाता में प्रस्तावित रैली की अनुमति नहीं मिलने पर तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई के लिए शनिवार को अवकाश के दिन भी हाई कोर्ट की विशेष पीठ बैठ रही है।
टीएमसीपी का कहना है कि उसने 23 जुलाई को कोलकाता पुलिस से रैली की अनुमति मांगी थी। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार शनिवार दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक पद्मपुकुर से सीआईटी रोड होते हुए मौलाली मोड़ तक मार्च निकालने की योजना थी। हालांकि पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद संगठन ने अदालत का रुख किया।
संगठन की ओर से तत्काल सुनवाई की मांग की गई है। इस मामले की सुनवाई शनिवार दोपहर करीब तीन बजे न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की विशेष पीठ में होगी। अदालत यह तय करेगी कि प्रस्तावित रैली की अनुमति दी जाए या नहीं।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को भी नीट प्रश्नपत्र लीक, शिक्षा में कथित भ्रष्टाचार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कोलकाता में विभिन्न छात्र संगठनों ने प्रदर्शन किया था। धर्मतला में हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पुलिस पर हमले और मीडिया कर्मियों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आई थीं।
इस मामले में कोलकाता पुलिस अब तक सात प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा में बताया कि इन मामलों में हाल ही में पारित पब्लिक सेफ्टी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 70 लोगों की पहचान की है, जिनका छात्र आंदोलन या नीट विरोधी प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। मुख्यमंत्री ने सभी आरोपितों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।