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435 नई सरकारी बसें सड़कों पर उतरेंगी
कोलकाता। बंगाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को एक नई दिशा और रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े विस्तार का ऐलान किया है। सरकार पूरे राज्य में 435 नई सरकारी बसें उतारने जा रही है, जबकि वर्षों से ठप पड़ी ऐतिहासिक ट्राम सेवा को भी चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया है। कोलकाता के कस्बा स्थित परिवहन विभाग के एक कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने यह अहम घोषणाएँ कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये नई बसें केवल राजधानी कोलकाता तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि विभिन्न जिलों में भी चलाई जाएँगी, जिससे आम जनता को बसों की कमी से पूरी तरह मुक्ति मिल सकेगी।
कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और परिवहन मंत्री ने पिछली सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब परिवहन विभाग को फिर से पटरी पर लाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। सरकार का लक्ष्य बंद हो चुकी ट्राम सेवाओं को उनके पुराने रूटों पर बहाल करने के साथ-साथ दक्षिणेश्वर, कालीघाट और न्यू टाउन जैसे प्रमुख और व्यस्त क्षेत्रों तक इसका विस्तार करना है। राज्य पर बने भारी वित्तीय कर्ज के बोझ को देखते हुए परिवहन विभाग को राजस्व का एक प्रमुख जरिया बनाने की योजना है। इसके लिए पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के 60:40 के वित्तीय अनुपात के साथ बड़े पैमाने पर ई-बसें लाई जाएँगी तथा तीनों परिवहन निगमों के डिपो में आधुनिक चार्जिंग स्टेशन और आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सरकार की त्वरित कार्यशैली का उल्लेख करते हुए बताया कि चिंगड़ीहाटा मेट्रो से जुड़ी जिस जटिल समस्या को पिछली सरकार 17 महीनों में नहीं सुलझा सकी, उसे महज 17 दिनों में हल कर दिया गया। इसके अलावा, मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का नया प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है। कर्मचारियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बस कंडक्टरों के वेतन में वृद्धि का बड़ा फैसला लिया है, जो आगामी अगस्त महीने से लागू हो जाएगा। नई गेरुआ रंग की बसों की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे शौर्य और नई ऊर्जा का प्रतीक बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि 400 और अतिरिक्त बसों की जरूरत है तो तुरंत टेंडर जारी किए जाएँ, क्योंकि सरकार धन की कमी नहीं होने देगी। लक्ष्य रखा गया है कि मार्च 2027 तक राज्य को कुल 1,000 नई बसें मिल जाएँगी, जिससे अगले एक साल के भीतर राज्य की पूरी परिवहन व्यवस्था में बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।