विधाननगर अस्पताल का नाम बदला, मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल
भाजपा पार्षद सिर्फ बोलते हैं, कभी औपचारिक शिकायत नहीं करते। वे खुद भी इसमें शामिल हैं
कोलकाता। उत्तर कोलकाता के पोस्टा और बड़ाबाजार इलाके में अवैध पार्किंग को लेकर सोमवार को तृणमूल कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच सड़क पर ही तीखी बहस छिड़ गई। स्थिति तब और असहज हो गई जब कोलकाता नगर निगम के मेयर परिषद सदस्य (एमआईसी) देवाशीष कुमार के सामने ही दोनों दलों के पार्षद आपस में उलझ पड़े। मामला बढ़ता देख मेयर परिषद को अपनी ही पार्टी के पार्षद को फटकार लगाकर शांत कराना पड़ा। क
ोलकाता नगर निगम के 22, 23 और 42 नंबर वार्डों में लंबे समय से अवैध गाड़ी पार्किंग की शिकायतें मिल रही थीं। 22 और 23 नंबर वार्ड भाजपा के कब्जे में हैं। 42 नंबर वार्ड तृणमूल के पास है, जो पहले भाजपा के नियंत्रण में था। इन इलाकों में के.के. टैगोर स्ट्रीट समेत बड़े हिस्से में ट्रकों और गाडिय़ों की अवैध पार्किंग से जाम और अव्यवस्था बनी रहती है। भाजपा पार्षदों ने कई बार नगर निगम की बैठक में इस मुद्दे को उठाया था। इसी के बाद सोमवार को मेयर परिषद सदस्य देवाशीष कुमार मौके का निरीक्षण करने पहुंचे। लेकिन भाजपा का आरोप है कि उनके दौरे की जानकारी पहले से लीक हो जाने के कारण इलाके से सभी अवैध पार्किंग हटा दी गई थीं।
निरीक्षण के बाद देवाशीष कुमार ने भाजपा पार्षद मीना देवी पुरोहित के कार्यालय में बैठक की। इस बैठक में हावड़ा ट्रैफिक गार्ड के ओसी, भाजपा पार्षद विजय ओझा (23 नंबर वार्ड),और तृणमूल के महेश शर्मा (42 नंबर वार्ड) भी मौजूद थे। बैठक खत्म होते ही तृणमूल पार्षद महेश शर्मा ने भाजपा पार्षदों पर तीखा आरोप लगाया और कहा कि इस अवैध पार्किंग के पीछे भाजपा नेताओं की मिलीभगत है।
इतना ही नहीं, उन्होंने उत्तर कोलकाता के तृणमूल सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की ओर भी इशारा किया, जिससे मेयर परिषद सदस्य को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने अपने ही पार्टी पार्षद को मुंह पर उंगली रखकर शांत रहने का इशारा किया और फटकार लगाई। बावजूद इसके, बहस रुकने का नाम नहीं ले रही थी। भाजपा पार्षदों ने भी तृणमूल पार्षद पर जवाबी आरोप लगाए। मेयर परिषद देवाशीष कुमार ने कहा कि हमने इलाके का दौरा किया और पाया कि फिलहाल कोई समस्या नहीं है। लेकिन जब बार-बार शिकायतें मिल रही हैं, तो ज़रूर अन्य दिनों में दिक्कत होती होगी। पुलिस के साथ मिलकर समय-समय पर जांच की जाएगी। भाजपा पार्षद मीना देवी पुरोहित ने कहा कि समस्या तो है ही। आज मेयर परिषद आए थे, इसलिए सब कुछ पहले से ही साफ-सुथरा कर दिया गया। भाजपा पार्षद विजय ओझा ने सवाल उठाया कि मेयर परिषद के दौरे की खबर पहले से कैसे लीक हुई, यह जांच का विषय है। वहीं, तृणमूल पार्षद महेश शर्मा ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि यह समस्या बहुत पुरानी है। लेफ्ट सरकार के समय से चली आ रही है। भाजपा पार्षद सिर्फ बोलते हैं, कभी औपचारिक शिकायत नहीं करते। वे खुद भी इसमें शामिल हैं।