Please wait
राष्ट्रमंडल खेल 2026: अजय बाबू ने भारोत्तोलन में जीता रजत पदक Sudhir wins historic लोक परीक्षाओं में नकल पर शिकंजा और कसेगा, संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश Sudhir wins historic ऑपरेशन 'नवजीवन-II' में झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता, 16 सक्रिय माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण Sudhir wins historic प्रधानमंत्री से मिले असम के सांसद, बाढ़ की स्थिति से कराया अवगत Sudhir wins historic पदभार संभालते ही एक्शन में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक Sudhir wins historic ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री बोले ‘मुझे देश की युवा शक्ति पर बहुत गर्व है’ Sudhir wins historic पीओके भारत का अभिन्न अंग, पाकिस्तान से वार्ता हुई तो सिर्फ यही मुद्दा उठाया जाएगाः राजनाथ सिंह Sudhir wins historic पुरुलिया : रंगदारी वसूलने के आरोप में तृणमूल छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष गिरफ्तार Sudhir wins historic पत्रकार हमला प्रकरण में मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, गुंडा दमन कानून से कार्रवाई Sudhir wins historic एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म Sudhir wins historic

तृणमूल उम्मीदवार के कबूलनामे से भूचाल

'हम तो बस लैम्पपोस्ट हैं'

13 Apr 2026

तृणमूल उम्मीदवार के कबूलनामे से भूचाल

कोलकाता। बंगाल के चुनावी रण में नेताओं की जुबान फिसलने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। इस बार विवादों के घेरे में हैं पूर्वस्थली उत्तर विधानसभा सीट से तृणमूल की उम्मीदवार बसुंधरा गोस्वामी। एक कथित वायरल वीडियो ने न केवल उनकी मुश्किल बढ़ा दी है, बल्कि पूरी पार्टी को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है। इस वीडियो में बसुंधरा अपनी ही पार्टी के नेताओं की हैसियत को लेकर ऐसी टिप्पणी करती दिख रही हैं, जिसे विपक्ष ने टीएमसी के भीतर व्यक्ति पूजा और तानाशाही का सबसे बड़ा प्रमाण मान लिया है। 
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैले इस वीडियो में बसुंधरा गोस्वामी को यह कहते सुना जा रहा है कि उनकी या अन्य नेताओं की निजी तौर पर कोई क्षमता या योग्यता नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि हम सब लैम्पपोस्ट हैं। बंगाल में केवल एक ही पोस्ट है, बाकी सब सिर्फ लैम्पपोस्ट के समान हैं, जो एक झटके में गिर सकते हैं। हालांकि इस वीडियो की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कार्यकर्ता बैठक के दौरान दिए गए इस बयान ने स्थानीय राजनीति में खलबली मचा दी है। विवाद को गहराते देख तृणमूल ने डैमेज कंट्रोल की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी के स्थानीय सह-आह्वायक राजकुमार पांडे ने सफाई देते हुए कहा कि बसुंधरा के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उनके तर्क के अनुसार, उम्मीदवार का आशय केवल यह था कि ममता ही पार्टी की सर्वोच्च शक्ति हैं और बाकी सभी नेता उन्हीं के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से काम कर रहे हैं। ममता के प्रति अटूट निष्ठा दिखाने की इस कोशिश को ही लैम्पपोस्ट शब्द के जरिए समझाने का प्रयास किया गया था। दूसरी ओर, विपक्ष को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। सीपीएम उम्मीदवार प्रदीप कुमार साहा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो सच जनता बरसों से देख रही थी, उसे अब खुद सत्ताधारी दल की उम्मीदवार ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लिया है। 
विरोधियों का कहना है कि यह बयान साफ करता है कि तृणमूल में आंतरिक लोकतंत्र खत्म हो चुका है और जमीनी नेताओं की अपनी कोई स्वतंत्र पहचान नहीं रह गई है। मतदान से ठीक पहले अपनी ही पार्टी के कैडर को 'अक्षम' बताने वाला यह बयान चुनावी नतीजों पर क्या असर डालेगा, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल बसुंधरा की चुप्पी ने सस्पेंस को और बढ़ा दिया है। 

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


तृणमूल उम्मीदवार के कबूलनामे से भूचाल
'हम तो बस लैम्पपोस्ट हैं'





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News