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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे और उनकी राजनीतिक सक्रियता से घबराई हुई है
कोलकाता। बंगाल की राजनीति में इस समय उबाल चरम पर है। एक ओर जहां राज्य विधानसभा के आगामी सत्र में तृणमूल कांग्रेस बड़े राजनीतिक एजेंडे के साथ उतरने जा रही है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर केंद्र सरकार पर तीखे हमले तेज हो गए हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल ने साफ कर दिया है कि 6 फरवरी को विधानसभा में एसआईआर के खिलाफ प्रस्ताव लाया जाएगा, साथ ही राज्य की मौजूदा राजनीतिक और संवैधानिक परिस्थिति पर भी व्यापक चर्चा होगी।विधानसभा स्पीकर विमान बनर्जी ने जानकारी दी कि 3 फरवरी से विधानसभा सत्र शुरू होगा। 5 फरवरी को राज्यपाल सीवी आनंद बोस अपना अभिभाषण देंगे और उसी दिन राज्य का बजट भी पेश किया जाएगा। इसके बावजूद विपक्षी भाजपा ने परंपरा के अनुसार बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल न होकर दूरी बनाए रखी, जिसे सत्तापक्ष ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार लगातार पश्चिम बंगाल के साथ भेदभाव कर रही है और अब यह टकराव केवल राज्य तक सीमित न रहकर देश की संघीय व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। इसी संदर्भ में दिल्ली स्थित बंगभवन में कथित पुलिस कार्रवाई और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ हुए व्यवहार को लेकर विधानसभा स्पीकर विमान बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
सोमवार को विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पीकर ने कहा कि दिल्ली में जो कुछ हुआ, वह केवल एक राज्य या एक मुख्यमंत्री का अपमान नहीं है, बल्कि यह संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक परंपराओं पर सीधा आघात है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगभवन जैसे सरकारी अतिथिशाला में बिना अनुमति पुलिस की तलाशी, सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय करना और वहां शरण लिए पीडि़त लोगों को परेशान करना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। स्पीकर ने सवाल उठाया, जो लोग वहां ठहरे हैं, वे अपराधी नहीं हैं। वे पीडि़त हैं। क्या दिल्ली केवल अमीरों और सत्ताधारियों के लिए है? क्या आम और गरीब लोगों को राजधानी में आने का अधिकार नहीं है?
विमान बनर्जी ने अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी अपील की कि वे दिल्ली जाकर ममता बनर्जी के साथ खड़े हों, ताकि देश की वास्तविक लोकतांत्रिक व्यवस्था और संघीय ढांचे की गरिमा को बचाया जा सके। उनके मुताबिक, इस तरह की घटनाएं एक खतरनाक मिसाल कायम कर रही हैं।इस सवाल पर कि क्या यह व्यवहार केवल बंगालियों के प्रति विद्वेष का परिणाम है, स्पीकर ने इसे पूरी तरह राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ममता बनर्जी के दिल्ली दौरे और उनकी राजनीतिक सक्रियता से घबराई हुई है। उन्हें लग रहा है कि उनकी सत्ता डगमगा रही है, इसलिए डर के कारण ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं।