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स्पीकर से तकरार पर तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने जताया खेद, भाजपा पर लगाए बोलने से रोकने के आरोप

सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ने शंकर घोष का नोटिस पढ़कर सुनाया

24 Jul 2026

स्पीकर से तकरार पर तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने जताया खेद, भाजपा पर लगाए बोलने से रोकने के आरोप

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में लगातार दो दिनों तक अध्यक्ष रथींद्र नाथ बोस के साथ हुई नोकझोंक के बाद शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस विधायक कुणाल घोष ने सदन में खेद व्यक्त किया। इससे पहले पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन (प्रिविलेज मोशन) का नोटिस दिया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया।
सदन की कार्यवाही के दौरान अध्यक्ष ने शंकर घोष का नोटिस पढ़कर सुनाया। नोटिस में कहा गया कि बुधवार और गुरुवार को हुई चर्चा के दौरान कुणाल घोष ने अध्यक्ष की गरिमा को ठेस पहुंचाने और उनका अपमान करने का प्रयास किया, जो सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है।
इसके बाद अध्यक्ष ने कुणाल घोष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया। कुणाल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह से अध्यक्ष का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि बेलेघाटा विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित होने के बाद वह अपने क्षेत्र और जनहित के मुद्दों को कई बार सदन में उठाना चाहते थे, लेकिन बार-बार उनका नाम वक्ताओं की सूची से हटा दिया गया।
इस पर पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने स्पष्ट किया कि सदन में बोलने के लिए तृणमूल विधायक दल के चीफ व्हिप की ओर से जिन सदस्यों के नाम भेजे जाते हैं, उन्हीं को अनुमति दी जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में तृणमूल की ओर से कुणाल घोष का नाम नहीं भेजा जा रहा है, इसलिए उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिल रहा।
शंकर घोष ने कहा कि यह तृणमूल का आंतरिक मामला है और इसका समाधान आपस में किया जाना चाहिए, न कि सदन की कार्यवाही बाधित करके।
अपने जवाब में कुणाल घोष ने एक बार फिर दोहराया कि उनका इरादा अध्यक्ष का अपमान करना नहीं था और यदि उनकी किसी बात से अध्यक्ष की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है।
हालांकि, बाद में विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी उन्हें सदन में बोलने से रोक रही है। उनका दावा था कि यदि उन्हें बोलने का अवसर मिलेगा तो वह भाजपा की कार्यशैली, पुलिस की कथित तानाशाही और सरकार की विभिन्न गलत नीतियों की सच्चाई सदन के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपनी आवाज उठाने के लिए चुना है और किसी भी दबाव के बावजूद वह जनता के मुद्दे उठाना जारी रखेंगे।

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