भारत तोडऩे की बात करने वालों को ऐसा सबक मिले कि वे सीधे घर न पहुंच सकें : शमिक
कोलकाता। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने राज्य में कथित कट्टरपंथ और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर भारत के विभाजन या कश्मीर की आजादी जैसे नारे लगाने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए। शमिक भट्टाचार्य ने पुलिस से अपील की कि ऐसे तत्वों को ऐसा सबक सिखाया जाए कि वे दोबारा इस तरह की हिम्मत न जुटा सकें। हालांकि, उनके इस बयान पर तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने पलटवार करते हुए कहा कि देशविरोधी गतिविधियों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी को पीटकर अस्पताल पहुंचाने की बात लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कोलकाता के बीटी रोड पर कारगिल शहीद कणाद भट्टाचार्य को श्रद्धांजलि देने पहुंचे शमिक भट्टाचार्य ने धर्मतल्ला में हाल ही में हुए हिंसक प्रदर्शन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें 'आजादीट के नारे लगाकर खुद को प्रासंगिक बनाने की कोशिश कर रही हैं। यदि कोई कश्मीर मांगे आजादी या भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे नारे लगाता है, तो पुलिस को पूरी सख्ती से निपटना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर चलने वाली मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार है, इसलिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में रहकर देशविरोधी नारे लगाना पूरी तरह गलत है और ऐसे लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन, किसी जिम्मेदार नेता द्वारा अराजक भाषा का इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में न्याय का अधिकार अदालतों के पास है, न कि किसी नेता के निर्देश पर हिंसा करने का।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को धर्मतला में निकाले गए मार्च के दौरान हुई हिंसा में पुलिस और पत्रकारों पर बर्बर हमला किया गया था। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुंडा नियंत्रण कानून के तहत दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जिसके तहत कई गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।