पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित
चुनाव आयोग कर रहा है मनमानी
कोलकाता। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर तृणमूल ने एक बार फिर चुनाव आयोग के समक्ष तीखी आपत्ति दर्ज कराई है। पार्टी के पाँच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल से मुलाकात कर एसआईआर से जुड़ी गंभीर चिंताओं, व्यावहारिक समस्याओं और अपनी मांगों को औपचारिक रूप से उनके सामने रखा।इस प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम, सांसद महुआ मोइत्रा, मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, मंत्री पार्थ भौमिक और नेता बैसवनोर चटर्जी शामिल थे। नेताओं ने एसआईआर सुनवाई की प्रक्रिया, पारदर्शिता की कमी और इसके चलते आम मतदाताओं को हो रही परेशानियों को लेकर चुनाव आयोग के रवैये पर सवाल खड़े किए।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने एसआईआर सुनवाई को लेकर बार-बार सवाल उठाए हैं और कई अवसरों पर चुनाव आयोग के समक्ष ज्ञापन भी सौंपा गया है, लेकिन इसके बावजूद आयोग मनमाने ढंग से फैसले ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग न तो जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से ले रहा है और न ही आम लोगों की आपत्तियों पर समुचित ध्यान दिया जा रहा है।
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि एसआईआर के नाम पर बड़ी संख्या में योग्य और वैध मतदाताओं को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिससे उनके लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा और गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रक्रिया में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो इससे जनता के बीच भ्रम और असंतोष बढ़ेगा।
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पर पुनर्विचार किया जाए, सुनवाई व्यवस्था को पारदर्शी और जनहितैषी बनाया जाए तथा आम मतदाताओं के साथ संवेदनशीलता से पेश आया जाए। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि हर योग्य नागरिक के मताधिकार की पूरी तरह रक्षा हो सके।