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एडीजी दक्षिण बंगाल सुप्रतिम सरकार ने बताया कि हत्याओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है
कोलकाता। वक्फ कानून के खिलाफ हिंसा हुई थी। इस हिंसा के दौरान पिता और बेटे की हत्या हो गई थी। इस हत्याकांड के बाद वेस्ट बंगाल की सियासत गरमा गई है। इस बीच बड़ी खबर सामने आई है। पिता और बेटे की हत्याकांड में शामिल दो भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने यह जानाकरी दी है। इन गिरफ्तारियों के साथ, वक्फ अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम बहुल जिले में हाल में हुई हिंसा के संबंध में अब तक कुल 221 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान कालू नादर और दिलदार नादर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी जाफराबाद इलाके के निवासी हैं जहां पिता-पुत्र रहते थे।
एडीजी दक्षिण बंगाल सुप्रतिम सरकार ने बताया कि हत्याओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। कालू नादर को बीरभूम जिले के मुरारई से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके भाई दिलदार को मुर्शिदाबाद जिले के सुती में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि हमने इलाके से सीसीटीवी फुटेज एकत्र की है और घटना में शामिल कई लोगों की पहचान की है। उनमें से हमने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि अब तक जिले में सांप्रदायिक हिंसा के संबंध में कुल 221 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हरगोविंद दास और चंदन दास के रूप में पहचाने गए पिता-पुत्र के शव हिंसा प्रभावित शमशेरगंज के जाफराबाद इलाके में उनके घर में पाए गए थे। दोनों शवों पर चाकू के कई घाव थे। इन दो मौतों के अलावा, शुक्रवार को सुति के सजुर मोड़ पर झड़पों के दौरान गोली लगने से घायल 21 वर्षीय एजाज मोमिन ने अगले दिन अस्पताल में दम तोड़ दिया।