Please wait
select city
notifications
Live Tv
Search
पश्चिम बंगाल में समुद्र में लापता ट्रॉलर बरामद, नौ मछुआरों के शव मिले, छह की तलाश जारी Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में आज से लागू हो गया नया गुंडा नियंत्रण कानून Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित Sudhir wins historic कामदुनी दुष्कर्म-हत्या मामले में पीड़ित परिवार का सुप्रीम कोर्ट में विरोध नहीं करेगी राज्य सरकार, कानूनी सहायता भी देगी - मुख्यमंत्री Sudhir wins historic आवाज़ का नमूना दें, नहीं तो गिरफ्तारी पर रोक हट जाएगी: कलकत्ता हाई कोर्ट की अभिषेक बनर्जी को कड़ी चेतावनी Sudhir wins historic मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का शुभारंभ किया Sudhir wins historic शोपियां मुठभेड़ में लश्कर कमांडर जाकिर गनी मारा गया Sudhir wins historic बारुईपुर मुठभेड़ मामले में पुलिस का दावा - एसआई रॉनी सरकार की रिवॉल्वर छीनकर भाग रहा था आरोपित, आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली Sudhir wins historic बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला : पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपित से मां ने किया किनारा, बोलीं- जो किया, उसका फल मिला Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म-हत्याकांड का मुख्य आरोपित पुलिस मुठभेड़ में ढेर Sudhir wins historic

एसआईआर के तहत निजी स्कूल और कॉलेजाें के प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे : निर्वाचन आयोग

निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि निजी स्कूलों और कॉलेजों द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को सुनवाई के दौरान पहचान या आयु प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

22 Dec 2025

एसआईआर के तहत निजी स्कूल और कॉलेजाें के प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे : निर्वाचन आयोग

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावे और आपत्तियों की सुनवाई को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि निजी स्कूलों और कॉलेजों द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को सुनवाई के दौरान पहचान या आयु प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, केवल पंजीकृत शिक्षा बोर्ड, शिक्षा परिषद या विश्वविद्यालय द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्र ही पहचान और आयु प्रमाण के रूप में मान्य होंगे। यह व्यवस्था इसी सप्ताह से शुरू हो रही सुनवाई प्रक्रिया में लागू रहेगी।

चुनाव आयोग ने जिन 12 दस्तावेजों को जरूरी माना है, उनमें शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी शामिल है। यह दस्तावेज खासतौर पर उन मतदाताओं के लिए जरूरी है, जिन्हें गैर मानचित्रित मतदाता की श्रेणी में रखा गया है। गैर मानचित्रित मतदाता वे हैं, जो 2002 की मतदाता सूची से अपना संबंध साबित नहीं कर पाए हैं। 2002 में ही राज्य में पिछली बार विशेष गहन पुनरीक्षण हुआ था।

जो मतदाता खुद का नाम 2002 की सूची में दिखा पाते हैं, उन्हें स्व मानचित्रण की श्रेणी में रखा गया है। वहीं जिन मतदाताओं के माता-पिता के नाम 2002 की सूची में दर्ज हैं, उन्हें संतति मानचित्रण के अंतर्गत माना गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी का कहना है कि निर्वाचन आयोग को यह जानकारी मिली है कि सुनवाई के दौरान कुछ लोग व्यक्तिगत स्कूलों और कॉलेजों के प्रमाणपत्रों को बोर्ड या विश्वविद्यालय के प्रमाणपत्र बताकर पेश करने की कोशिश कर सकते हैं। आयोग का मानना है कि पंजीकृत बोर्ड, परिषद या विश्वविद्यालय से जारी प्रमाणपत्रों में हेरफेर की संभावना बेहद कम होती है, जबकि व्यक्तिगत संस्थानों के प्रमाणपत्रों में गड़बड़ी की आशंका अधिक रहती है। इसी कारण ऐसे प्रमाणपत्रों को अमान्य किया गया है।

राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू हुई थी। मसौदा मतदाता सूची 16 दिसंबर को प्रकाशित की गई। यह तीन चरणों वाली प्रक्रिया 14 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ पूरी होगी। इसके बाद निर्वाचन आयोग राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


एसआईआर के तहत निजी स्कूल और कॉलेजाें के प्रमाणपत्र मान्य नही
निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि निजी स्कूलों और कॉलेजों द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों को सुनवाई के दौरान पहचान या आयु प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाए





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News