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डॉ. मजूमदार ने दावा किया कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को दोनों आरोपियों के बांग्लादेशी पहचान पत्र और ठोस सबूत सौंपे हैं, फिर भी राज्य पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का यह रवैया मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के “स्पष्ट निर्देशों” के कारण है, जिनके अनुसार “किसी भी अवैध घुसपैठिए के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।”
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर एक बार फिर सियासी विवाद गहराने लगा है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने रविवार को अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा कि दक्षिण दिनाजपुर जिले के बंशिहारी थाना इलाके में दो बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ बार-बार लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
डॉ. मजूमदार ने दावा किया कि शिकायतकर्ता ने पुलिस को दोनों आरोपियों के बांग्लादेशी पहचान पत्र और ठोस सबूत सौंपे हैं, फिर भी राज्य पुलिस निष्क्रिय बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस का यह रवैया मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के “स्पष्ट निर्देशों” के कारण है, जिनके अनुसार “किसी भी अवैध घुसपैठिए के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।”
केंद्रीय मंत्री ने लिखा, “भले ही देश के असली नागरिकों की सुरक्षा और आंतरिक व्यवस्था दांव पर लग जाए, लेकिन ममता बनर्जी की सरकार का ध्यान केवल अवैध घुसपैठियों के वोट सुरक्षित करने पर केंद्रित है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ‘अवैध घुसपैठिए ही ममता बनर्जी का पसंदीदा वोट बैंक’ हैं।
डॉ. मजूमदार के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर घुसपैठ और नागरिकता के मुद्दे पर विवाद छिड़ गया है। अब तक राज्य सरकार या पुलिस प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।