एनआईए ने मैथ्यू वैनडाइक को दबोचा, भारत को क्रिस्टन देश बनाने की साजिश
कोलकाता। कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (दमदम) पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को गिरफ्तार किया है। 12 मार्च को हुई इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। वैनडाइक पर जासूसी, आतंकी संगठनों से संबंध और म्यांमार के विद्रोही समूहों को सैन्य प्रशिक्षण देने जैसे संगीन आरोप लगे हैं। सबसे चौंकाने वाला खुलासा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों और बांग्लादेश के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक अलग क्रिश्चियन स्टेट बनाने की कथित अंतरराष्ट्रीय साजिश के रूप में सामने आ रहा है।
जांच के अनुसार, 46 वर्षीय मैथ्यू वैनडाइक फ्लाई दुबई की उड़ान से दुबई भागने की फिराक में था। इमिग्रेशन अधिकारियों ने खुफिया जानकारी के आधार पर उसे विमान से उतारकर हिरासत में लिया। वैनडाइक कोई साधारण नागरिक नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षित भाड़े का सैनिक और सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल नामक संगठन का संस्थापक है। वह पहले लीबिया, सीरिया और यूक्रेन जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों में विद्रोहियों को प्रशिक्षण देने और गुरिल्ला युद्ध लडऩे के लिए चर्चित रहा है।
एजेंसियों का दावा है कि वह हाल ही में मिजोरम के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार गया था, जहाँ उसने विद्रोही समूहों को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक और हथियारों के संचालन का प्रशिक्षण दिया। इस मामले में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ है। वैनडाइक की गिरफ्तारी के साथ ही लखनऊ और दिल्ली एयरपोर्ट से छह यूक्रेनी नागरिकों को भी पकड़ा गया है, जो कथित तौर पर उसके सहयोगी थे। एनआईए की एफआईआर के अनुसार, यह समूह यूरोप से ड्रोन की बड़ी खेप भारत के रास्ते म्यांमार पहुँचाने और पूर्वोत्तर के प्रतिबंधित आतंकी संगठनों को सहायता प्रदान करने की साजिश में शामिल था। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि यह नेटवर्क मणिपुर और अन्य सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन हमले और आंतरिक सुरक्षा को अस्थिर करने की योजना बना रहा था। मैथ्यू वैनडाइक की गिरफ्तारी ने उन अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को फिर से हवा दे दी है, जिनमें विदेशी ताकतों द्वारा भारत के पूर्वोत्तर हिस्से को अशांत करने की बात कही जाती रही है। एनआईए अब वैनडाइक के डिजिटल फुटप्रिंट्स और फंडिंग के स्रोतों की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के असली आकाओं तक पहुँचा जा सके। फिलहाल, वैनडाइक और उसके सहयोगियों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, जहाँ उनसे पूछताछ जारी है।