पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती से ठीक पहले, कोलकाता की सुकिया स्ट्रीट स्थित उनके स्मारक स्थल पर तोड़फोड़ की घटना सामने आई है, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया है।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती से ठीक पहले, कोलकाता की सुकिया स्ट्रीट स्थित उनके स्मारक स्थल पर तोड़फोड़ की घटना सामने आई है, जिससे व्यापक आक्रोश फैल गया है। सूत्रों के अनुसार, इस घटना ने राज्य में एक नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर भीतरी कलह और गहरा गई है। वार्ड 49 की पूर्व TMC पार्षद मोनालिसा बनर्जी के खिलाफ भ्रष्टाचार, उगाही और निर्माण परियोजनाओं से संबंधित "कट-मनी" योजनाओं के आरोपों वाले पोस्टर सामने आए हैं। इन पोस्टरों ने पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को उजागर किया है और विपक्षी दलों को सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला करने का मौका दिया है।
राज्य में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता के बीच, तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी से संबंधित एक और मामला सामने आया है। सूत्रों की मानें तो, कालीघाट पुलिस स्टेशन द्वारा उनके सुरक्षाकर्मियों के अवैध आचरण के आरोपों के संबंध में जारी किए गए पुलिस नोटिस को अभिषेक बनर्जी ने कथित तौर पर नजरअंदाज कर दिया है। इन घटनाओं ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है, जहां आने वाले समय में और अधिक राजनीतिक उठापटक की उम्मीद है।