विपक्ष के हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित
उन्होंने आरोप लगाया कि नव तृणमूल का मंच भाजपा के सहयोग से खड़ा किया गया है
कोलकाता। 21 जुलाई शहीद दिवस के अवसर पर आयोजित तृणमूल की वार्षिक रैली के दौरान उस समय राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई, जब पार्टी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी अचानक मंच छोड़कर बाहर निकल गए। उस समय तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। कल्याण बनर्जी के इस तरह अचानक उठकर जाने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद नेताओं और समर्थकों के बीच तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं।
मीडिया द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने केवल इतना कहा कि वे व्यक्तिगत कारण से जा रहे हैं और जल्द वापस लौटेंगे। इस घटना के बाद कई तरह के कयास लगाए जाने लगे, लेकिन बाद में तृणमूल के अंदरूनी सूत्रों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि कल्याण बनर्जी अदालत में एक अति महत्वपूर्ण मुकदमे की सुनवाई के सिलसिले में गए थे। उनका यह प्रस्थान पूरी तरह से पूर्व निर्धारित कार्यक्रम का हिस्सा था, जिससे तमाम अटकलों पर विराम लग गया।
इससे पूर्व अपने संबोधन में कल्याण बनर्जी ने नव तृणमूल और भाजपा पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी के बिना न तो तृणमूल कांग्रेस का अस्तित्व संभव है और न ही राज्य में कोई बड़ा जन आंदोलन। उन्होंने आरोप लगाया कि नव तृणमूल का मंच भाजपा के सहयोग से खड़ा किया गया है। साथ ही तंज कसा कि विपक्षी खेमे के साथ खड़े नेताओं की एक्सपायरी डेट 2029 तय है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपने भाषण में बागी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी छोडऩे वाले भाजपा का परोक्ष सहारा बनने के बजाय सीधे उसमें शामिल हो जाएँ। कल्याण बनर्जी के अस्थायी रूप से जाने के पीछे कानूनी प्रतिबद्धता का कारण सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में शुरू हुई बयानबाजी शांत हो गई।