Please wait
वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic वरिष्ठ तृणमूल नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार Sudhir wins historic फुटपाथ पर मुड़ी-घुघनी खाते दिखे मंत्री शंकर घोष Sudhir wins historic पारसी फायर टेम्पल से हटेगा अवैध कब्जा Sudhir wins historic ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी Sudhir wins historic असम में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सीधे आधार नहीं : डॉ. हिमंत बिस्व सरमा Sudhir wins historic असम के जोरहाट में वायु सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच जवान बलिदान Sudhir wins historic

एक कंपनी छोड़ दूसरी नौकरी तलाशने पर बकाया रोकना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ : कलकत्ता हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि अपीलीय प्राधिकारी का आदेश विधिसम्मत और न्यायोचित है

30 Aug 2025

एक कंपनी छोड़ दूसरी नौकरी तलाशने पर बकाया रोकना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ : कलकत्ता हाईकोर्ट

कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि कर्मचारी द्वारा दूसरी नौकरी तलाशना, चाहे वह प्रतिद्वंद्वी कंपनी में ही क्यों न हो, उसका बुनियादी अधिकार है और इसे अनैतिक आचरण नहीं माना जा सकता। अदालत ने साफ किया कि इस आधार पर किसी कर्मचारी के बकाया भुगतान को रोकना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
न्यायमूर्ति शंपा दत्त (पॉल) ने एक कंपनी को आदेश दिया कि वह अपने पूर्व कर्मचारी सुदीप समंता को 1.37 लाख रुपये का ग्रेच्युटी बकाया आठ प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ अदा करे। अदालत ने कंपनी की अनुशासनात्मक कार्रवाई और दंड को खारिज करते हुए कहा कि “दूसरी नौकरी तलाशना ईमानदारी, शुचिता या नैतिक मूल्यों के विपरीत नहीं है। अनुशासनिक प्राधिकारी का आचरण शक्ति का दुरुपयोग है और यह पूरी तरह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।”
कंपनी ने दावा किया था कि समंता प्रतिद्वंद्वी कंपनी के संपर्क में थे और गोपनीय जानकारी साझा कर रहे थे। लेकिन अदालत ने पाया कि कंपनी अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य या कॉल रिकॉर्ड पेश नहीं कर सकी। गवाहों ने केवल इतना कहा कि उन्होंने समंता को किसी दूसरी कंपनी के कर्मचारियों से बातचीत करते देखा।
समंता, जिन्होंने 2012 में बतौर तकनीशियन कंपनी ज्वॉइन किया था, 11 अक्टूबर 2022 को बर्खास्त कर दिए गए थे। कंपनी ने आरोप लगाया था कि वह प्रतिद्वंद्वी इकाई को उत्पादन प्रक्रिया और तकनीक से जुड़ी जानकारियां दे रहे थे, जिससे नुकसान हुआ। इस आधार पर कंपनी ने उनकी ग्रेच्युटी रोक ली थी।
हाईकोर्ट ने कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि अपीलीय प्राधिकारी का आदेश विधिसम्मत और न्यायोचित है। अदालत ने दोहराया कि बिना ठोस सबूत किसी कर्मचारी को अनैतिक आचरण का दोषी ठहराकर उसका बकाया रोकना पूरी तरह अनुचित है।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


दूसरी नौकरी तलाशने पर बकाया रोकना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ
हाईकोर्ट ने कंपनी की दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि अपीलीय प्राधिकारी का आदेश विधिसम्मत और न्यायोचित है





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News