पश्चिम बंगाल सरकार ने यूसीसी मसौदे के अध्ययन के लिए नौ सदस्यीय समिति की अधिसूचित
एआरटीओ ने चेकिंग के दौरान एक बस ओवरलोडिंग मिली। बस में 55 लोगों का परमिट था, लेकिन इस पर 180 से ज्यादा यात्री सफर कर रहे थे। बस को सीज कर दिया और यात्रियों को पीलीभीत डिपो भिजवाया।
त्योहारों पर अक्सर लोगों को घर जाने की जल्दबाजी देखने को मिलती है। ऐसे में ये लोग अपनी जान जोखिम में डालने तक से नहीं चूकते। यूपी के पीलीभीत में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला है। यहां होली पर घर जाने की जल्दबाजी में क्षमता से अधिक यात्री बस में चढ़ गए। हैरानी तो तब हुई जब सैकड़ों किलोमीटर की सफर के बाद भी इस बस पर किसी भी अधिकारी की नजर नहीं पड़ी। बस पंजाब के जालंधर से बहराइच के लि निकली थी, लेकिन पीलीभीत में उसे पकड़ लिया गया।
एआरटीओ वीरेंद्र कुमार ने चेकिंग के दौरान एक बस ओवरलोडिंग मिली। बस में 55 लोगों का परमिट था, लेकिन इस पर 180 से ज्यादा यात्री सफर कर रहे थे। बस को सीज कर दिया और यात्रियों को पीलीभीत डिपो भिजवाया। वहां बस अड्डे में प्रवेश कर रही बस बिजली की लाइन से छू गई। जिससे हड़कंप मच गया। बस सीज होने की जानकारी मिलने पर यात्रियों ने लामबंद होकर हंगामा किया और रोडवेज बस अड्डे की सामने वाली सड़क पर जाम लगा दिया। एआरएम व सहकर्मियों ने लोगों को समझाबुझा कर जाम खुलवाया। लखीमपुर की बस इस रूट पर चलती है।
शुक्रवार की शाम को जालंधर से बहराइच के लिए चली निजी बस शनिवार दोपहर में पीलीभीत-बरेली हाईवे पर जैसे ही देवहा नदी के पुल से आगे पहुंची वहां पर जांच कर रहे एआरटीओ वीरेंद्र कुमार ने बस को रुकवा लिया। बस के कागज चेक किए गए तो सात माह से टैक्स जमा नहीं था और परमिट भी मान्य नहीं था। इस पर बस को सीज कर दिया गया। इसके बाद सभी यात्रियों को पीलीभीत डिपो उसी बस से भिजवाया गया।
बस अड्डे में निजी बस को ले जाने के दौरान ऊपर से जा रहे बिजली के तार से छू गये तभी सभी यात्रियों को एआरटीओ ने बस को सीज कर दिया है पता चला। इसके बाद बस पर सवार लगभग 180 यात्री नाराज हो गए और वहीं पर हंगामा करने लगे। सभी यात्री रोडवेज परिसर के बाहर सड़क पर बैठ कर जाम लगा कर नारेबाजी करने लगे। हंगामे की जानकारी पर एआरएम पहुंचे और सहकर्मियों के साथ मिल कर यात्रियों को समझाया। इसके बाद एआरटीओ ने तीन बसों की व्यवस्था करके सभी यात्रियों को बहराइच के लिए भेजा। तब जाकर सभी यात्री शांत हुए।