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सीबीआई अधिकारियों द्वारा कई आधे जले हुए दस्तावेज बरामद किए गए हैं
कोलकाता। ग्रामीणों ने अचानक सुनसान जमीन में आग देखी। आग कैसे लगी यह जानने की कोशिश की तो ग्रामीणों की आंखें चौंधिया गयी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों को सुनसान पड़ी जमीन में कई सरकारी दस्तावेज जले हुए मिले। जले कागज को वापस पाने के लिए सीबीआई बेताब है। मंगलवार को यह सनसनीखेज घटना अंडुलबेरिया के बागानबाड़ी से सटे इलाके में हुआ। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार की सुबह तृणमूल के कुछ स्थानीय नेता एक लॉरी लेकर उस खेत में गए। वहां उन्होंने कागजात इकट्ठे किए और उनमें आग लगा दी। सीबीआई को स्थानीय निवासियों से जानकारी मिली। सीबीआई के अधिकारी पहले ही मौके पर पहुंच चुके हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि कागजों पर सरकारी मुहर भर्ती दस्तावेज हो सकते हैं। क्योंकि लॉरी में कागज लाने वाले तृणमूल नेता स्थानीय क्षेत्र में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के करीबी हैं। आधे से ज्यादा कागज जल चुके हैं। जांचकर्ता बालू और पानी से आग बुझाकर दस्तावेज बरामद करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्तमान में 7 से 8 सीबीआई अधिकारी मौजूद हैं। पूरे इलाके को केंद्रीय बलों ने घेर लिया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस दस्तावेज़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के सबूत हो सकते हैं, जिन्हें सबूतों को दबाने की कोशिश की जा रही थी। जांच के साथ-साथ, सीबीआई अधिकारियों द्वारा कई आधे जले हुए दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिन्होंने काशीपुर पुलिस और सीबीआई के विशेष प्रतिनिधिमंडल दल को स्थानांतरित करना शुरू कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसारमूल रूप से 2008-2010 के दस्तावेज हैं। लेकिन दस्तावेजों का जलना रहस्य बना हुआ है। क्या इसका मतलब यह है कि किसी बड़े नाम, किसी भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश की जा रही है? बता दें कि सीबीआई ने शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में अभी तक तृणमूल कांग्रेस के तीन विधायक सहित कई नेताओं को गिरफ्तार कर चुकी है।
कैनिंग ईस्ट के विधायक और भंगाड़ के पर्यवेक्षक शौकत मोल्ला ने इस संदर्भ में कहा कि सीबीआई ने आकर बहुत अच्छा किया है। हम चाहते हैं कि जांच के जरिए सच सामने आए। अधिकारी आ रहे हैं और मामले को देख रहे हैं, यह बहुत खुशी की बात है। हमें उनके आने और खुद आग बुझाने और दस्तावेज जुटाने में कोई दिक्कत नहीं है। अगर उन्हें हमसे कोई मदद चाहिए तो हम जरूर मदद करेंगे। यह कागज कहां से और कौन लाया, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।