प्रचंड गर्मी और बारिश की कमी के कारण सब्जियों के पैदावार पर इसका जबरदस्त असर पड़ा है
कोलकाता। गर्मी का पारा जैसे-जैसे चढ़ रहा है इससे लोगों की परेशानियां भी उतनी ही बढऩे लगी हैं। कोलकाता और आस पास के जिलों में भीषण गर्मी का असर सब्जियों के पैदावार पर भी पड़ा है। यहां सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं।
एक अधिकारी की मानें तो विक्रेताओं की एक संस्था ने कहा कि हाल के सप्ताह में सामान्य सब्जियों की कीमत में 15-30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और अगर अगले पांच से छह दिनों के भीतर बारिश नहीं होती है तो कीमतों में और भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। पश्चिम बंगाल विक्रेता संघ के अध्यक्ष कमल डे ने बताया कि प्रचंड गर्मी और बारिश की कमी के कारण सब्जियों के पैदावार पर इसका जबरदस्त असर पड़ा है। जिलों में उत्पादकों के बाजार में आपूर्ति पहले ही घटी है।
उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर 24 परगना जिले में बनगांव के निकट गोपालनगर में किसानों के बाजार या 'हाटÓ में पिछले साल इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 100-125 ट्रक परवल आ रही थी, लेकिन अब यह संख्या घटकर 45 ट्रक प्रतिदिन हो गई है। छोटे बाजारों में भी स्थिति खराब हो गई है। राज्य में ऐसे करीब 50-60 'हाटÓ हैं। स्थानीय खुदरा बाजारों में अधिकतर सब्जियों की कीमत 50 रुपये से अधिक है। लौकी की किस्मों की कीमत अधिक है। तोरई 60-70 रुपये प्रति किलोग्राम, लौकी (30-40 रुपये किलोग्राम), परवल (80 रुपये किलोग्राम) और करेला (80 रुपये किलोग्राम) की कीमत भी बढ़ी है। बैंगन जैसी अन्य सब्जियां 70 रुपये किलोग्राम, कच्चा आम 50 रुपये किलोग्राम, कच्चा पपीता 40-50 रुपये किलोग्राम और कद्दू 40 रुपये किलोग्राम बिक रहा है।
एक नजर कीमतों पर
आलू 15 रु.
प्याज 20 रु.
टमाटर 30 रु.
लौकी 40-50 रु.
बैंगन 70-80 रु.
करेला 50 रु.
सजना 100 रु.
फूल गोभी 40 रु.
पत्ता गोभी 50 रु.
हरी मिर्च 100 रु.
अदरक 200 रु.
लहसन 180-200 रु.
कटहल 40 रु.