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बदमाश को पकडऩे के लिए युवती ने लगा दी छलांग
कोलकाता। दक्षिण 24 परगना इलाके में एक दर्दनाक घटना घटी है। चलती ट्रेन के डिब्बे से एक नर्स का काम करने वाली युवती का मोबाइल फोन चोरी हो गया। लुटेरे को पकडऩे के लिए युवती चलती ट्रेन से कूद गई। घटना से हड़कंप मच गया। यह घटना गुरुवार रात सियालदह साउथ शाखा के कैनिंग लाइन के मतला हॉल्ट स्टेशन पर हुई है। घटना में कैनिंग उप जिला अस्पताल की नर्स मेघा मंडल गंभीर रूप से घायल हो गई।
अस्पताल में उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया।पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार गुरुवार की शाम कैनिंग उप जिला अस्पताल की नर्स मेघा मंडल ड्यूटी खत्म कर ट्रेन से घर के लिए निकली थी। उसी दौरान यह घटना घटी।प्राप्त जानकारी के अनुसार अप कैनिंग-सियालदह ट्रेन के मतला हाल्ट स्टेशन के पास चलती ट्रेन के डिब्बे से एक लुटेरे ने मोबाइल फोन छीन लिया और कूदकर फरार हो गया। मेघा ने बिना कुछ सोचे समझे चलती ट्रेन से छलांग लगा दी, लेकिन वजन नहीं संभाल पाने के कारण वह गिर पड़ीं। मतला हाल्ट स्टेशन पर घायल अवस्था में पड़ी पाई गई।प्लेटफॉर्म से सूचना मिलने पर कैनिंग थाने की जीआरपी पुलिस मौके पर पहुंची। नर्स को बचा लिया गया और इलाज के लिए कैनिंग डिवीजनल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि लुटेरा पकड़ा नहीं गया। जीआरपी और आरपीएफ ने घटना की जांच शुरू कर दी है। हालांकि ऐसी घटनाओं में रात की ट्रेन में यात्रियों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़ा हो गया है।
पुलिस को क्या मिली जानकारी रेलवे पुलिस सूत्रों के मुताबिक नर्स मेघा मंडल कल शाम कैनिंग अस्पताल से ड्यूटी खत्म कर कैनिंग सियालदह लोकल में सोनारपुर जा रही थी। इसी दौरान एक बदमाश उसका मोबाइल फोन छीन कर फरार हो गया। जैसे ही ट्रेन मतला हाल्ट स्टेशन में दाखिल हुई, घायल नर्स ने लुटेरे का हाथ पकड़ लिया। तभी लुटेरे ने मेघा का गला पकड़ लिया। साथी यात्रियों ने पूरी घटना देखी तो भी मेघा की मदद के लिए कोई आगे नहीं आया।आरोपी चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया, लेकिन उसने हार नहीं मानी और मोबाइल लेने के लिए लुटेरे के पीछे चलती ट्रेन से कूद गया, लेकिन वह उसमें गिर गए और गंभीर हालत में कैनिंग अनुमंडल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। आज शुक्रवार को रेलवे पुलिस ने घटना की जांच शुरू की। हालांकि ट्रेन में सवार महिला यात्री इस घटना से डरी हुई हैं। शिकायत की गई है कि ट्रेन के महिला डिब्बे में रेलवे पुलिस की उचित उपस्थिति नहीं थे। वे असुरक्षित महसूस करते हैं।