बसंती हाईवे से विभिन्न गांवों की ओर जाने वाली सड़कों पर भी पुलिस और रैफ का कब्जा है। इसके लिए अतिरिक्त फोर्स भी मंगाई गई है
कोलकाता। नामांकन पत्र जमा करने को लेकर बुधवार को दिखी गहमागहमी की तस्वीर गुरुवार को और भी भयावह हो गई। भांगड़ का विजयगंज बाजार फिर रणक्षेत्र बन गया। वहां कांथलिया मोड़ पर तृणमूल और आईएसएफ के बीच झड़प हो गई। जम कर बमबारी और फायरिंग की गई । मोहम्मद मोहिद्दीन मोल्लाह नाम के एक आईएसएफ कार्यकर्ता की इसकी वजह से मौत हो गई। यह आईएसएफ नेतृत्व का दावा है। गोली लगने से तृणमूल कार्यकर्ता राशिद मुल्ला की भी मौत हो गई। वह जीवनतल्ला का वासी है। तृणमूल ने दावा किया कि उन्हें तीन गोलियां लगी हैं। घायलों में भांगड़ के रहने वाले सलीम मोल्लाह नाम के युवक को आरजी कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक उसके शरीर पर गोलियों के निशान हैं।
घायल सलीम के भाई नसीफ मोल्लाह ने कहा कि वह सक्रिय राजनीति नहीं करते हुए भी आईएसएफ से जुड़े हुए हैं। उस झड़प के बाद विजयगंज बाजार में आग लगा दी गई। स्थिति पर काबू पाने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी। नामांकन पत्र जमा करने के अंतिम दिन शुरू से ही स्थिति अराजक रही। भंगड़ के ब्लॉक दो बीडीओ कार्यालय परिसर में तृणमूल और आईएसएफ के कार्यकर्ता एकत्र हो गये थे। इसके बाद स्थिति उग्र हो गई।
बीडीओ कार्यालय के बाहर एक किलोमीटर तक भांगड़-1 व भांगड़-2 को कडीं सुरक्षा चादर में लपेटा गया था। हालांकि पिछले दो दिनों से तृणमूल और आईएसएफ के बीच झड़प के चलते इलाके में गुरुवार को भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।दोनों पक्षों के कार्यकर्ता अलग-अलग इलाकों में जमा होते नजर आए। उनके हाथों में लाठियां भी नजर आईं। और इसी के साथ उत्तेजना का पारा चढऩे लगा। माकपा कार्यकर्ताओं-समर्थकों की शिकायत है कि भांगड़-1 बीडीओ में नामांकन पत्र जमा कराने जाते समय तृणमूल ने उन्हें रोक लिया। हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने सीपीएम द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को झूठा बताते हुए खारिज कर दिया। फिर से भांगड़-2 ब्लॉक में सीपीएम ने शिकायत की कि उनके उम्मीदवार गियासुद्दीन मुल्ला का नामांकन पत्र जमा करने के रास्ते में फाड़ दिया गया था।
आरोप यह भी है कि उसके साथ मारपीट की गई। लेफ्ट की शिकायत तृणमूल के खिलाफ है। सत्ता पक्ष ने आरोपों से इनकार किया है। भांगड़-2 स्थित बीडीओ कार्यालय परिसर में आज दोपहर में भारी बमबारी शुरू हो गयी। चारों तरफ धुंआ धुंआ छाया रहा। हाथों में लाठी लेकर लोगों की टोली इलाके में घूमती नजर आई। तोडफ़ोड़, आगजनी होती रही। बम के धमाके और फायरिंग से 2 नं ब्लॉक दोपहर बाद युद्ध क्षेत्र लग रहा था। इसी दिन दोपहर के समय विजयगंज बाजार इलाके में बमबाजी शुरू हो गई थी। आरोप है कि एक तरफ तृणमूल कांग्रेस के लोग और चलतबेरिया और निमगरिया के आईएसएफ के लोगों ने आकर यह बवाल खड़ा किया। आरोप है कि दोनों पक्षों ने बमबारी जारी रखी।
पंचायत चुनावों की तारीख की घोषणा से पहले ही राज्य की सत्ताधारी पार्टी और आईएसएफ के बीच तनाव चरम पर है। कई बार दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हो जाती है। हालांकि नामांकन पत्र जमा करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट में भांगड़-2 ब्लॉक के बिजयगंज बाजार क्षेत्र ने रणक्षेत्र का रूप ले लिया। इलाके में अंधाधुंध गोलाबारी और फायरिंग के आरोप लगे हैं। इससे कई लोग घायल हो गए। बसंती हाईवे से विभिन्न गांवों की ओर जाने वाली सड़कों पर भी पुलिस और रैफ का कब्जा है। इसके लिए अतिरिक्त फोर्स भी मंगाई गई है।