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अगर आगे से ऐसा कुछ हुआ तो कोई भी माता-पिता अपने बच्चों पर भरोसा नहीं कर पाएगा। इसलिए इन अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए
कोलकाता। झारग्राम में पिता अपनी मासूम बेटी के साथ सालों तक रेप करता रहा। कोर्ट ने इस घटना को 'दुर्लभतम घटनाÓ बताया और झारग्राम की अदालत ने इस मामले में एक अनुकरणीय सजा की घोषणा की। कोर्ट ने आरोपी पिता को 35 साल सश्रम कारावास का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि नशे में अपनी ही बेटी से दुष्कर्म की ऐसी क्रूर घटना यहां पहले कभी नहीं हुई। झारग्राम के एडीजे 2 पॉक्सो कोर्ट में कोर्ट ने बेटी से रेप के मामले में आरोपी पिता नंद सिंह को 35 साल जेल की सजा देने का आदेश दिया। साथ ही 5000 रुपये का जुर्माना और न देने पर तीन महीने की सश्रम कारावास की सजा दी जाएगी। साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार को रेप पीडि़ता को 3 लाख रुपये देने की भी सिफारिश की है। झारग्राम में सबसे जघन्य घटना 2018 में सांकराइल थाना क्षेत्र में हुई थी। घटना के दिन 17 जुलाई 2018 को सांकराइल थाने में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। आरोपी नंद सिंह को सांकराइल थाने की पुलिस ने उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार 15 वर्षीय स्कूली छात्रा अपने पिता नंद सिंह के साथ घर में अकेली रहती थी। उनकी मां की पांच साल पहले मौत हो गई थी। उनके एक दादा बाहर रहते थे। कथित घटना के दिन, नंद सिंह दोपहर में नशे में घर आया। लड़की के साथ खाना खाना चाहते हैं। लड़की ने उसे चावल दिये तो वह खाकर उठ गया। इसके बाद नाबालिग लड़की को जबरदस्ती घर के अंदर ले गया और उसके कपड़े और पैंट उतारकर उसके साथ दुष्कर्म किया। यह लगभग दो सालों तक चलता रहा। बाद में उसने सारी घटना अपनी चाची और पड़ोसियों को बताई। उस वक्त उसकी चाची और पड़ोसियों ने भी पूरी घटना सुनी।
वहीं इस घटना के बारे में पता चलने पर पड़ोसियों ने नंद सिंह की पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। उसी दिन, अपने पिता द्वारा बलात्कार की शिकार लड़की ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना के कारण लड़की शारीरिक रूप से बहुत बीमार हो गई। उसी दिन उसे सांकराइल ब्लॉक के बंगागढ़ ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया। पांच दिनों तक उस अस्पताल में उनका इलाज चला। 18 अगस्त 2018 को आरोप पत्र गठित किया गया।
मुकदमा दिसंबर 2018 में शुरू हुआ। कोर्ट में कुल 14 गवाहों की सुनवाई हुई। अदालत ने इस घटना को दुर्लभ घटना करार दिया है। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कोर्ट जयंत रॉय ने कहा, एडीजे 2 कोर्ट के जज ने कहा कि यह एक दुर्लभ मामला है। अगर आगे से ऐसा कुछ हुआ तो कोई भी माता-पिता अपने बच्चों पर भरोसा नहीं कर पाएगा। इसलिए इन अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।