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सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल के अधिकारी इस संबंध में अब हाई कोर्ट जाने की योजना बना रहे हैं। दूसरी ओर, कोलकाता के निजी अस्पताल में भर्ती ज्योतिप्रिय की हालत स्थिर बताई गई है।
कोलकाता। राशन घोटाले में गिरफ्तार पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक के वन मंत्री बनने के बाद कई शिकायतें सामने आई है। वन क्षेत्र के कई इलाकों में पेड़ काटने को लेकर विवाद हो रहा है। इसके अलावा आरोप है कि पिछले डेढ़ साल में वन विभाग की कई जमीनें निजी कंपनियों को उपयोग के लिए दे दी गई हैं। वन क्षेत्रों में भी निर्माण की अनुमति दी गई है। वन सृजन के कार्य को लेकर भी शिकायतें की गईं हैं। इन सबके पीछे मंत्री के प्रभाव डालने के आरोप लग रहे हैं।
ज्यादातर शिकायतें स्थानीय लोगों ने की है। कई मामलों में थानों में भी शिकायत की गई है। ेवहीं, दूसरी ओर वन मंत्री ज्योतिप्रिय के पूर्व निजी सहायक अमित दे को शनिवार को ईडी ने तलब किया। केंद्रीय एजेंसी ने उनसे मैराथन पूछताछ की। ईडी का दावा है कि राशन घोटाले की बड़ी राशि अमित के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। इसके अलावा अमित के नाम पर अनेक चल-अचल संपत्तियां हैं, जिसे राशन घोटाले की काली कमाई से खरीदा गया है। पिछले दिनों ईडी ने अमित के घर पर कई घंटे तक तलाशी अभियान चलाया था। ज्योतिप्रिय को कोलकाता का कमांड हॉस्पिटल भर्ती नहीं करना चाहता।
बैंकशाल कोर्ट के न्यायाधीश ने शुक्रवार को ज्योतिप्रिय को कमांड अस्पताल में भर्ती करने का निर्देश दिया था। आदेश को बदलने का अनुरोध करते हुए कमांड अस्पताल के अधिकारियों ने शनिवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया। उनके मुताबिक, अस्पताल पर पहले से ही दबाव है। इसके अलावा उनका तर्क है कि अस्पताल सेना के जवानों, सैन्य अधिकारियों और उनके परिवार के सदस्यों का इलाज करता है।
हालांकि, कोर्ट ने अस्पताल की अर्जी खारिज कर दी और कहा कि निर्देश को बदला नहीं जा सकता। सूत्रों के मुताबिक, अस्पताल के अधिकारी इस संबंध में अब हाई कोर्ट जाने की योजना बना रहे हैं। दूसरी ओर, कोलकाता के निजी अस्पताल में भर्ती ज्योतिप्रिय की हालत स्थिर बताई गई है।