Please wait
select city
notifications
Live Tv
Search
आवाज़ का नमूना दें, नहीं तो गिरफ्तारी पर रोक हट जाएगी: कलकत्ता हाई कोर्ट की अभिषेक बनर्जी को कड़ी चेतावनी Sudhir wins historic मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने प्रम्बानन मंदिर पुनरुद्धार परियोजना का शुभारंभ किया Sudhir wins historic शोपियां मुठभेड़ में लश्कर कमांडर जाकिर गनी मारा गया Sudhir wins historic बारुईपुर मुठभेड़ मामले में पुलिस का दावा - एसआई रॉनी सरकार की रिवॉल्वर छीनकर भाग रहा था आरोपित, आत्मरक्षा में पुलिस ने चलाई गोली Sudhir wins historic बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला : पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आरोपित से मां ने किया किनारा, बोलीं- जो किया, उसका फल मिला Sudhir wins historic पश्चिम बंगाल में बारुईपुर नाबालिग दुष्कर्म-हत्याकांड का मुख्य आरोपित पुलिस मुठभेड़ में ढेर Sudhir wins historic बरूईपुर दुष्कर्म और हत्या मामला : पीड़िता के परिजनों से मिलीं भाजपा नेता लाकेट चटर्जी और मंत्री अग्निमित्रा पाल Sudhir wins historic पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा, किशोरी को जीवित ही तालाब में फेंका Sudhir wins historic अभिषेक बनर्जी के जांच में सहयोग नहीं करने पर सवाल, हाई कोर्ट ने दी आवाज का नमूना देने की नसीहत Sudhir wins historic बरूईपुर दुष्कर्म-हत्या मामला : डीजी सिध्दनाथ गुप्ता ने किया घटनास्थल का निरीक्षण Sudhir wins historic

अयोध्या का हो रहा है कायाकल्प, पहले मूलभूत जरूरतों के लिए भी तरसती थी राम नगरी

योगी राज में बनकर तैयार हुआ इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अयोध्या धाम जंक्शन का हुआ कायाकल्प

28 Dec 2023

अयोध्या का हो रहा है कायाकल्प, पहले मूलभूत जरूरतों के लिए भी तरसती थी राम नगरी

अद्भुत, अलौकिक और भाग्योदय वाली अयोध्या अब अपने पुराने वैभव की ओर लौट रही है। यह अयोध्या देश के साथ दुनिया के भी आकर्षण का केंद्र हो गई है। मुगल, ब्रिटिश गुलामी काल और फिर आजादी के बाद से लेकर 2017 तक उपेक्षित रही अयोध्या के दिन योगी सरकार आने के बाद से ही बदलने लगे। 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे अखिलेश यादव ने अयोध्या को भले ही अपनी प्राथमिकता में नहीं रखा, लेकिन उसी अयोध्या का गौरवशाली वैभव लौटाने में मोदी-योगी की डबल इंजन सरकार ने जमीन-आसमान एक कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में अयोध्या ने बदलाव के नये प्रतिमान स्थापित किए हैं, जिनकी अब देश व दुनिया में चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के कायाकल्प का जो संकल्प लिया, उसकी शुरुआत फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या करने से की गई। इसके बाद अयोध्या को नगर निगम बनाकर इसके पुनरोद्धार की जिस अद्भुत पहल की शुरुआत हुई वो फिलहाल 30 हजार करोड़ से भी अधिक की परियोजनाओं के तेज गति से मूर्तरूप लेने की महान गाथा बन चुकी है। झूलते-लटकते बिजली के जर्जर तार अब पुराने दिनों की बात हो गई। 2017 के पहले जिस अयोध्या को मुकम्मल बिजली भी नहीं दी जाती थी आज वहां 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति हो रही है। सिर्फ इतना ही नहीं सूर्यवंश के राजा श्रीराम की नगरी को सोलर सिटी बनाने का संकल्प भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

योगी सरकार ने अयोध्या को बनाया नगर निगम

चाहे अखिलेश सरकार हो या उनसे भी पहले बसपा और कांग्रेस की सरकार, किसी ने कभी भी अयोध्या की सुध नहीं ली। वहीं योगी सरकार ने फैजाबाद व अयोध्या नगर पालिका को मिलाकर अयोध्या नगर निगम बनाया। योगी सरकार के इस फैसले पर अयोध्यावासियों ने अपनी मुहर भी लगाई और यहां हुए महापौर के दोनों चुनावों में कमल भी खिलाया। साथ ही योगी आदित्यनाथ के आह्वान पर यहां भाजपा के अधिकांश पार्षदों को जीत भी दिलाई।

4115.56 करोड़ की 50 से अधिक परियोजनाओं को किया गया पूर्ण

केंद्र की मोदी व प्रदेश की योगी सरकार के नेतृत्व में अयोध्या का संपूर्ण विकास हो रहा है। यहां लगभग 30 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें से अब तक 4115.56 करोड़ की 50 से अधिक परियोजनाओं को पूर्ण कर लिया गया है। 1462.97 करोड़ की लागत से बने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा व 241 करोड़ से अयोध्या धाम स्टेशन फेज-1 का विकास कार्य उन प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है, जिनका लोकार्पण पीएम के दौरे पर प्रस्तावित है। अखिलेश सरकार में यहां चिकित्सा व्यवस्था को खुद इलाज की जरूरत थी, लेकिन योगीराज में यहां राजर्षि दशरथ स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का 245.64 करोड़ से निर्माण हुआ। नयाघाट पर लता मंगेशकर चौक 75.26 करोड़ से नई आभा के साथ चमक रहा है। राम की पैड़ी पर लाइट एंड साउंड का कार्य 2372.10 लाख से हुआ। राम की पैड़ी के घाट का विस्तार तो हुआ ही, पानी के फ्लो को भी अनवरत किया गया।

साल दर साल दीपोत्सव ने भी तोड़ा अपना रिकॉर्ड

अयोध्या में दीपोत्सव की सोच अखिलेश सरकार में कोई सोच भी नहीं सकता था, लेकिन योगी आदित्यनाथ ने ना सिर्फ दीपोत्सव का आगाज किया, बल्कि इसके शिल्पकार बनकर साल दर साल इस महाआयोजन को नया आयाम भी दिया। 2017 में दीपोत्सव में जहां 1.71 लाख दीप जले, वहीं 2018 में यह संख्या 3.01 लाख हो गई। 2019 में 4.04 लाख, 2020 में 6.06 लाख, 2021 में 9.41 लाख और 2022 में 15.76 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर कीर्तिमान स्थापित किया गया, लेकिन 2013 में यह रिकॉर्ड भी टूटा। यहां 11 जनवरी को दीपोत्सव में 22.23 लाख दीप प्रज्जवलित किए गए। हर वर्ष दीपों के साथ प्रदेश व देश की समृद्धि बढ़ती गई।

2022 में ही 2.21 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने किया अयोध्या का दीदार

अखिलेश सरकार के पास विकास की सोच न होने का परिचायक है कि अयोध्या समृद्धि से बेगानी रही। इसका कोई पुरसाहाल नहीं था। तब यहां भय और संशय से भरा सन्नाटा परसा रहता था। टेंट में प्रभु श्रीराम तो थे ही, यहां आने-जाने से भी लोग डरते थे। आज वही अयोध्या है जो योगी आदित्यनाथ के 2017 में सीएम बनने के बाद भारत के प्रमुख धार्मिक पर्यटनस्थलियों में शीर्ष की ओर बढ़ रही है। 2022 में यहां 2,21,12,402 भारतीय और 26403 विदेशी पर्यटक (कुल 2,21,38,805 पर्यटकों) पहुंचे और इस पावन भूमि के रज को सिर माथे पर लगाया। 2017 में 1.78 करोड़, 2018 में 1.95 करोड़, 2019 में 2.4 करोड़ पर्यटक यहां पहुंचे। 2021 में कोरोना के कहर के बावजूद 1.57 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने अयोध्या आकर पूजन-अर्चन किया।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामायण प्रसंग की मूर्तियां कराती हैं त्रेतायुगीन वैभव का अहसास

सपा सरकार में सदा से उपेक्षित रही अयोध्या 2017 के बाद से ही त्रेतायुगीन वैभव का अहसास करा रही है। वहीं केंद्र से तालमेल व संवाद कर योगी सरकार ने लखनऊ से गोरखपुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के विकास को नई दिशा दी। साथ ही मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, महर्षि वशिष्ठ, संकट मोचन हनुमान आदि की मूर्तियां लगवाई, जो त्रेतायुग के वैभव का अहसास करा रही है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों व श्रद्धालुओं की नजर में आध्यात्मिक रूप से समृद्ध अयोध्या की अलग ही छवि बनकर आई।

2012 से 17 तक झूलते-लटकते बिजली के जर्जर तार अब पुराने दिनों की बात

2012 से 2017 के बीच अयोध्या जैसे प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों में पर्याप्त बिजली ना मिलना आम बात थी। यूपी के कुछ खास जिलों को छोड़ दें तो शेष जिले ''अंधेरे'' में ही रहते थे, लेकिन योगी सरकार के कुशल प्रबंधन व बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ देने की नीयत ने अयोध्या को भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति वाला शहर बना दिया। यहां जर्जर-झूलते तारों से निजात मिल ही रही है। 167 करोड़ रुपये से सिरोपरि लाइनों को तेजी से अंडरग्राउंड किया जा रहा है।

पहले सिंगल लेन और अब फोर लेन से समृद्धि के पथ पर बढ़ी अयोध्या

किसी को भी जानकर आश्चर्य होगा कि 2017 के पहले भगवान श्रीराम के टेंट वाले मंदिर को छोड़िए हनुमानगढ़ी तक भी सीधी-सपाट सड़क नहीं थी। अयोध्या को पूरी तरह से उसके हाल पर छोड़ दिया गया था, लेकिन योगी सरकार में फोर लेन से अयोध्या आज समृद्धि के पथ पर बढ़ रही है। राम जन्मभूमि तक 44.98 करोड़ की लागत से फोर लेन मार्ग का निर्माण किया गया है। इसके अलावा अयोध्या के चार पथों को विकसित कर योगी सरकार ने इन्हें कोड व रंग प्रदान कर अलौकिक रूप देने का कार्य भी किया है।

अयोध्या के चार पथ

रामपथ- सहादतगंज से लता मंगेशकर चौक (नया घाट) 12.940 किमी, लागत- 844.94 करोड़ रुपये

जन्मभूमि पथ- कुल लम्बाई 0.566 किमी. (सुग्रीव किला, बिड़ला धर्मशाला से होते हुए रामजन्म भूमि मंदिर तक), लागत- 41.02 करोड़ रुपये

भक्ति पथ- श्रृंगार हाट से हनुमान गढ़ी तक, कुल लम्बाई 0.742 किमी, लागत- 68.04 करोड़ रुपये

धर्मपथ- लता मंगेशकर चौक से लखनऊ गोरखपुर हाईवे तक, लम्बाई-2 किमी, लागत- 65.40 करोड़ रुपये

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories







Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News