वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार दोपहर बाद 3 बजे गंगा सागर हेलीपैड पर उतरेंगी। वहां संवाददाताओं से बातचीत करने के बाद सीधे कपिल मुनि के आश्रम मंदिर में जाकर पूजा अर्चना करेंगी।
गंगासागर से प्रकाश चन्द्रा
सागरद्वीप। गंगासागर मेले के विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को सागरद्वीप पहुंच रही है। इसके लिए सभी प्रकार की तैयारी पूरी हो चुकी है। सोमवार से ही गंगासागर मेले की शुरुआत भी हो रही है। यह मेला 8 जनवरी से 17 जनवरी तक चलेगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार दोपहर बाद 3 बजे गंगा सागर हेलीपैड पर उतरेंगी। वहां संवाददाताओं से बातचीत करने के बाद सीधे कपिल मुनि के आश्रम मंदिर में जाकर पूजा अर्चना करेंगी। गंगासागर के दायित्व प्राप्त मंत्री बंकिम हाजरा ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आगमन को लेकर तमाम प्रकार की तैयारी पूरी हो चुकी है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। और तो और पुण्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी उच्च स्तरीय तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तैयारी का जायजा लेने के लिए प्रशासनिक बैठक भी करेंगी। मुख्यमंत्री के साथ मुख्यसचिव बीपी गोपालिका, डीजी राजीव कुमार भी गंगासागर पहुंचेंगे।
माना जा रहा है कि गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की पुन: मांग भी मुख्यमंत्री सगरद्वीप से कर सकती हैं। मालूम हो की 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होनी है इससे पहले देश में सबसे बड़ा मेला गंगासागर का आयोजन होना है। इसको लेकर बंगाल सरकार पूरी तैयारी में जुटी हुई है। राज्य के लगभग डेढ़ दर्जन मंत्रियों को लॉट आठ से लेकर का काकद्वीप, कचूबेरिया और सागरद्वीप की अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप गई है। संभावना जतायी जा रही है कि इस साल गंगासागर मेले में करीब 45 लाख श्रद्धालु सागरद्वीप में पवित्र गंगासागर में आस्था की डूबकी लगाने पहुंचेंगे। इतनी अधिक तादाद में पहुंचने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 10 हजार पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है जो सुरक्षा और यातायात के नियमों का पालन को सुनिश्चित करने के साथ-साथ जलक्षेत्र में भी गश्त लगाते दिखेंगे। मेला क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 200 किमी लंबी बैरिकेंडिंग, 1150 सीसीटीवी कैमरे, 20 ड्रोन, 2400 नागरिक सुरक्षा बल, 50 दमकल की गाडय़िां, 300 बेड वाली अस्थायी अस्पताल, 10,000 शौचालय आदि की व्यवस्था की गई है।
गंगासागर मेले में सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की मदद ली गई है। इसरो की सहायता से जीपीएम और उपग्रह निगरानी के माध्यम से वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इस बार मेले को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए पिछले सालों की तरह ही प्लास्टिक को पूरी तरह से बैन किया गया है। गंगासागर मेले के लिए खासतौर पर 2250 बसें और 66 अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी, और सियालदह स्टेशन से अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सोमवार को कपिल मुनि पूजा करने पहुंचेंगे पूरे विधि विधान के साथ पूजा करेगी और राज्य वीडियो खली और गंगासागर मेले के सफलता आयोजन की ना करेंगे इसको लेकर मंदिर कमेटी ने भी पूरी तैयारी कर ली है पूरे मंदिर को रंगरोगन के साथ तैयार किया गया है। चूंकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के देर शाम को मंदिर पहुंचने का कार्यक्रम है इसलिए मंदिर के सीढिय़ों,क्यारियों और प्रांगण की लाइटिंग की साजो सज्जा से तैयार किया गया है। पूरे मंदिर क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से अंतिम तैयारी करने का प्रयास किया जा रहा है। मंदिर के सामने अल्पना बनाई गई है।
सागर में घने कोहरे से निपटने के लिए लगाए गए विशेष फॉग लाइट
गंगासागर मेले के समय घने कोहरे के कारण जब-तब फेरी सेवा बंद होने और तीर्थयात्रियों से भरे स्टीमरों के रास्ता भटक जाने की घटनाओं से सीख लेते हुए इस बार विशेष फॉग लाइट का इस्तेमाल किया जा रहा है। खबर के मुताबिक इस बार मूड़ी गंगा में बने टावरों और जेटियों पर विशेष फॉग लाइट लगाई गई है जिससे स्टीमर चालक घने कोहरे के दौरान भी आसानी से नदी मार्ग देख पाएंगे। लॉट आठ से कचूबेरिया तक के नदी मार्ग में पांच टावर हैं। उनमें से तीन पर फॉग लाइट लगाई गई है जिनके पास से स्टीमर आवागमन करते हैं। इसके साथ ही उन टावरों पर साउंड सिस्टम भी लगाए गए है। उसकी आवाज से भी चालकों को स्टीमर चलाने में काफी सहूलियत होगी। चालकों को इस बाबत विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आदेश के बाद विशेष फॉग लाइट लगाई गई है।