वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
प्रधानमंत्री को ललिता ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी छठवीं में पढ़ती है, उसे छात्रवृत्ति, स्कूल यूनिफार्म मिली है और सुकन्या समृद्धि योजना में भी उसका खाता खुला है।
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को "पीएम जनमन अंतर्गत पीएमवाई (जी) के लाभार्थियों से संवाद कार्यक्रम में शिवपुरी जिले के ग्राम हातोद की हितग्राही ललिता आदिवासी और विद्या आदिवासी से वर्चुअली चर्चा की। उन्होंने ललिता आदिवासी और विद्या आदिवासी से बातचीत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आपसे बातचीत से पता चलता है कि शासकीय योजनाओं का लाभ वास्तव में लोगों को मिल रहा है। सभी को शासकीय योजनाओं का लाभ देने के लिए कैंप भी लगाए जा रहे हैं। हमारी सरकार की यही कोशिश है कि एक-एक नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। योजनाओं के लाभ पर जिनका अधिकार है, उन्हें कहीं भटकना न पड़े, यही मोदी की गारंटी है।
प्रधानमंत्री को ललिता ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी छठवीं में पढ़ती है, उसे छात्रवृत्ति, स्कूल यूनिफार्म मिली है और सुकन्या समृद्धि योजना में भी उसका खाता खुला है। लाड़ली लक्ष्मी योजना का भी बेटी को लाभ मिला है। दूसरा बेटा ध्रुव है, जो दूसरी क्लास में पढ़ रहा है, उसे भी स्कूल यूनिफार्म और मध्यान्ह भोजन मिलता है। तीसरा बेटा आंगनवाड़ी में जा रहा है। ललिता ने बताया कि वे स्वयं, शीतला माता स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं, जिससे गौशाला संचालित करने का काम मिला है। प्रधानमंत्री ने ललिता द्वारा तत्परता से दी गई जानकारी की प्रशंसा की।
उन्होंने ललिता से कहा कि आपका पक्के घर का सपना पूरा होने जा रहा है, आपको आज पहली किस्त भी मिलने जा रही है। ललिता ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि आपने पिछड़े आदिवासी गांव के बारे में सोचा, जनमन योजना के अंतर्गत सभी योजनाओं का लाभ हमारे समुदाय को उपलब्ध कराया, उसके लिए हम सब आपके बहुत आभारी हैं। प्रधानमंत्री ने ग्राम हातोद के सभास्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बच्चियों को भी बातचीत के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री ने ललिता से पूछा कि उन्हें जनमन योजना के बारे में जानकारी कैसे प्राप्त हुई और इस योजना के अंतर्गत उन्हें क्या-क्या लाभ प्राप्त हुए। ललिता ने बताया कि उनके स्व-सहायता समूह को अधिकारियों तथा विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत गांव में आई रैली से जानकारी प्राप्त हुई। जनमन से उन्हें आवास स्वीकृत हो गया है। अपने घर के बारे में उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था, मकान बनने से उन्हें और उनके परिवार को बहुत प्रसन्नता होगी।
उन्होंने बताया कि उनके श्वसुर कृष्णा आदिवासी को केसीसी का लाभ मिला, बच्चों के आधार कार्ड बन गए, बच्चों का जाति प्रमाण-पत्र भी बन गया है। गांव में पहले 310 आयुष्मान कार्ड थे, जनमन योजना से 100 आयुष्मान कार्ड गांव में और बने हैं। गांव में सभी महिलाओं के पास उज्जवला गैस कनेक्शन था पर विकसित भारत संकल्प यात्रा से नई बहुओं को भी गैस कनेक्शन मिल गए। इस तरह गांव में उज्जवला के 20 कनेक्शन और बढ़ गए है। गांव में नल-जल योजना का काम भी चल रहा है जिससे हमें शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा। प्रधानमंत्री ने ललिता से गांव के विकास की योजना के संबंध में प्रस्तुतीकरण, उनकी सूझ-बूझ और नेतृत्व क्षमता की सराहना की।
प्रधानमंत्री को विद्या आदिवासी ने ग्राम विकास के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे वैष्णो देवी स्व-सहायता समूह का संचालन करती हैं। प्रधानमंत्री-जनमन योजना से बच्चों के आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र बन गए हैं और गाय व पशुधन के लिए शेड भी स्वीकृत हो गया है। उन्होंने बताया कि जब वे शादी होकर वे ग्राम हातोद आई थी, तब पूरे गांव में केवल कच्चे मकान थे। आज हमारा यह गांव सुंदर और सर्वसुविधा संपन्न है। विद्या ने एक मॉडल के माध्यम से प्रधानमंत्री को बताया कि गांव में पानी की टंकी, नल, बिजली, पक्की सड़क और सामुदायिक केंद्र है, जहां गांव वाले गणेश उत्सव पर गणेश जी की स्थापना करते हैं और उत्सव मनाते हैं। उन्होंने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड बन चुका है। गांव में पहले एंबुलेंस नहीं आती थी, अब सुविधा हो गई है। इससे गर्भवती महिलाओं को राहत मिली है, फोन लगाने पर एंबुलेंस गांव तक आ जाती है और गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अब शिवपुरी ले जाना आसान हो गया है। प्रधानमंत्री को उन्होंने मॉडल के माध्यम से गांव में आंगनवाड़ी, स्कूल, अपना घर और अपनी सहेलियों के घर आदि दिखाएं।