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इसके लिए हजारों अभ्यर्थियों की ओर से 12 से 14 फरवरी के बीच त्रिदिवसीय अभियान के तहत अपना पत्र राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को भेजा जा रहा है।
पटना। बिहार असिस्टेंट प्रोफेसर के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर पुनर्गठित नई सरकार से अपील की है। अभ्यर्थियों ने नियुक्ति प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को जल्द से जल्द दूर करने के लिए पत्र एवं मेल का सहारा लिया है।
इसके लिए हजारों अभ्यर्थियों की ओर से 12 से 14 फरवरी के बीच त्रिदिवसीय अभियान के तहत अपना पत्र राज्यपाल, मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री को भेजा जा रहा है। इसके अलावा अभ्यर्थियों ने मेल के माध्यम से भी अपनी बातों को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की है।
बिहार असिस्टेंट अभ्यर्थी संघ के अमित कुमार ने कहा कि बिहार के विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में 2020 से नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है, जो अभी तक पूरी नहीं हुई है। मामला कोर्ट में फंसा हुआ है, जिसके कारण अभ्यर्थियों ने निराश होकर एक बार फिर से अपनी गुहार पुनर्गठित नई सरकार से पत्र भेजकर लगाई है।
अमित कुमार ने कहा कि नियुक्ति में हो रही देरी के लिए कहीं ना कहीं सरकार भी जवाबदेह है। इसलिए पत्र एवं ईमेल के माध्यम से अभ्यर्थियों की अपील है कि सरकार उच्च न्यायालय पटना में अपने सभी दलीलों को स्पष्ट रूप से रखकर न्यायिक प्रक्रिया से जल्दी निजात दिलाए, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया यथाशीघ्र पुनः संचालित हो सके। इस अभियान को राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने भी समर्थन दिया है, जिसमें समस्तीपुर के डॉ रितु किशोर, पटना की डॉ प्रियंवदा, सारण क डॉ श्वेता कुमारी सहित अन्य कई अतिथि शिक्षक शामिल हैं।