वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
प्रशासन को समस्या का समाधान करना होगा। कानून का पालन करें। मैंने बार-बार कहा है कि किसी से भी धर्म, जाति, समुदाय के आधार पर भेदभाव न करें
कोलकाता, 27 फरवरी। सीपीएम के करीबी बुद्धिजीवी पुलिस प्रशासन की नजरों से बचते हुए संदेशखाली पहुंचे। अभिनेता बादशा मैत्रा, देवदत्त घोष, सौरव पौलाधी, जयराज भट्टाचार्य उस समूह में हैं। वे एक-एक करके संदेशखाली में दाखिल हुए ताकि पुलिस उन्हें रोक न सके। वहीं अंदर घुसते वक्त किसी ने नजर से बचने के लिए सिर को तौलिये से ढक लिया था तो किसी ने सिर को कपड़े से लपेट लिया था। वे संदेशखाली में आम लोगों से बातचीत करते भी नजर आ रहे हैं।
चूंकि इलाके में धारा 144 लागू थी, इसलिए वे चार-चार के समूह में नहिनपाड़ा और पोलपाड़ा इलाके में गए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और पीड़ित लोगों की शिकायतें सुनी। धमाखली पहुंचने के बाद अभिनेता बादशा मैत्रा ने महिलाओं की लड़ाई को साधुवाद जताते हुए कहा कि मैंने सभी से कहा कि कानून को अपने हाथ में न लें।
प्रशासन को समस्या का समाधान करना होगा। कानून का पालन करें। मैंने बार-बार कहा है कि किसी से भी धर्म, जाति, समुदाय के आधार पर भेदभाव न करें। संदेशखाली के अशांति के सिलसिले में अब तक कई ग्रामीणों को गिरफ्तार जा चुका है। बादशा ने उनकी शीघ्र रिहाई की मांग की।