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मेयर ने यह भी सवाल उठाया कि रिटायर जस्टिस ने फिरहाद को क्यों नहीं बताया कि अवैध निर्माण हो रहा है
कोलकाता। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक गंगोपाध्याय कोलकाता नगर निगम क्षेत्र में अवैध निर्माण पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। जब रिटायर जज उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे तो अचानक उनके मोबाइल फोन पर कोलकाता के मेयर फिरहाद (बॉबी) हकीम का कॉल आया! दोनों के बीच तीन से चार मिनट तक बातचीत हुई। हाल ही में गार्डनरिच में बहुमंजिला ढहने की घटना में 12 लोगों की मौत हो गई। उस घटना के मद्देनजर गुरुवार को रिटायर जज प्रेस क्लब में अवैध निर्माण पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। जिस तरह से प्रशासन की नाक के नीचे एक के बाद एक अवैध निर्माण हो रहे हैं, उससे वह हैरान थे। वे अवैध निर्माण के पीछे सिंडिकेट का भी आरोप लगा रहे हैं। तभी अचानक फिरहाद ने उसे फोन किया। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी। एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को फोन पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'वहाँ अभी भी वामपंथी जमाने के घर क्यों है?Ó आपने इसे ध्वस्त क्यों नहीं किया? पूर्व जज ने मेयर से कहा कि उनके इलाके में अवैध निर्माण चल रहा है। लेकिन प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। उन्होंने फोन पर कहा कि तुम मेरे घर आ जाओ। मैं छत पर ले जाकर दिखाऊंगा कि कैसे गली में पांच मंजिला मकान खड़ा हो गया है।
हालाँकि, फिरहाद ने फ़ोन पर क्या कहा, यह नहीं सुना गया। बाद में जब रिटायर जस्टिस गंगोपाध्याय से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रेस क्लब में अवैध निर्माण पर एक कॉन्फ्रेंस थी। मैं बात कर ही रहा था कि मेयर का फोन बज उठा। फिऱहाद ने मुझे बताया कि वे सभी निर्माण वामपंथी युग के हैं। फिर मैंने उससे कहा, यह सब क्यों नहीं तोड़ दिया जाए! फिर उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता था। आपने मुझे क्यों नहीं बताया? मैंने कहा, आपके पास तो प्रतिनिधि है!
सेवानिवृत्त न्यायाधीश गंगोपाध्याय कोलकाता नगर पालिका के वार्ड संख्या 76 के निवासी हैं। वह कवितीर्थ पार्क इलाके में पड़ता है। वह इलाका कोलकाता पोर्ट के फिरहाद विधानसभा क्षेत्र का है। सेवानिवृत्त न्यायाधीश एक समय राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष थे। उस समय उनका राज्य प्रशासन से मतभेद हो गया था। इसके बाद उन्हें मानवाधिकार आयोग के पद से इस्तीफा देना पड़ा। तब से, सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शासक विरोधी माना जाता है। नगर निगम सूत्रों के अनुसार फिरहाद ने सेवानिवृत्त जज को फोन कर बताया कि कोलकाता शहरी क्षेत्र में अवैध निर्माण वाम कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ था। मेयर ने यह भी सवाल उठाया कि रिटायर जस्टिस ने फिरहाद को क्यों नहीं बताया कि अवैध निर्माण हो रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेवानिवृत्त जज को यह कहते हुए सुना गया, 'मैं आपको कैसे पा सकता हूं?Ó आपका एक प्रतिनिधि है। आपका प्रशासन काम नहीं कर रहा है। यह तोड़ दिया गया था। बाद में दो मंजिला मकान फिर पांच मंजिला बन गया! रिटायर जस्टिस गंगोपाध्याय ने स्थानीय पार्षद के खिलाफ मेयर के समक्ष गुस्सा जाहिर किया। उन्हें फोन पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, एक तरफ, निर्मला सीतारमण पैसे की कमी के कारण चुनाव नहीं लड़ पा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ आपका पार्षद पांच करोड़ की गाड़ी में आता है।