बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र वर्तमान में तृणमूल का गढ़ है
कोलकाता। बशीरहाट संसदीय सीट उत्तर 24 परगना जिले और पूरे बंगाल की राजनीति में सबसे ज्यादा चर्चित लोकसभा सीटों में से एक है, क्योंकि इस बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र में संदेशखाली है। संदेशखाली सुंदरबन से सटा हुआ इलाका है और मुस्लिमों की संख्या ज्यादा है। संदेशखाली इस साल के लोकसभा चुनाव में बंगाल का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। संदेशखाली के मुद्दे पर न सिर्फ बंगाल बल्कि राष्ट्रीय राजनीति गरमा गई है। महिलाओं पर अत्याचार एवं जबरन जमीन दखल करने के आरोप में टीएमसी नेता शेख शाहजहां की गिरफ्तारी हुई। उसके पहले ईडी अधिकारियों पर हमले की घटना ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
अभिनेत्री नुसरत जहां बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र से निवर्तमान सांसद हैं, लेकिन क्षेत्र में सांसद की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। विवादों के बाद नुसरत जहां को लोकसभा चुनाव में तृणमूल का टिकट नहीं मिला हैं, टीएमसी ने हाजी नुरुल इस्लाम को टिकट दिया है जबकि बीजेपी ने संदेशखाली की पीड़िता रेखा पात्र को उम्मीदवार बनाया है। माकपा के उम्मीदवार नीरापद सरदार और आईएसएफ के उम्मीदवार मोहम्मद सहीदुल इस्लाम मोल्ला हैं। एसयूसीआई ने दाउद गाजी को मैदान में उतारा है। बशीरहाट लोकसभा संसदीय क्षेत्र एक बड़ा हिस्सा सुंदरबन बस्तियों से घिरा है। यहां करीब 87.04 फीसदी आबादी ग्रामीण है और कुल वोटर्स 1750590 है, जबकि मतदान केंद्र 2427 हैं। मुस्लिम आबादी लगभग 46.3 फीसदी और अनुसूचित जाति की आबादी करीब 25.4 फीसदी है।
बशीरहाट लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में सात विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। संदेशखाली, बदुरिया, हरोआ, मिनाखान, हिंगलगंज, बशीरहाट उत्तर और बशीरहाट दक्षिण। बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र वर्तमान में तृणमूल का गढ़ है। विधानसभा चुनाव में सात विधानसभाओं में टीएमसी को जीत मिली थी। बशीरहाट लोकसभा के अंतर्गत आने वाली सातों विधानसभाओं में से किसी पर विपक्ष का कब्जा नहीं है।
2009 में वामपंथी गढ़ ढहा, खिला जोड़ाफूल
वाम जमाने के इस बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र पर सीपीआई का पूर्ण नियंत्रण था। 1980 के बाद से सीपीआई ने बशीरहाट में अकेले शासन किया है। इनमें सीपीआई नेता अजय चक्रवर्ती 1996 से लगातार सांसद थे। लेकिन 2009 में तृणमूल कांग्रेस ने अजय चक्रवर्ती का विजय रथ रोक दिया। नुरुल इस्लाम को यहां तृणमूल ने उम्मीदवार बनाया.। चार बार के सांसद के खिलाफ लड़ाई बिल्कुल भी आसान नहीं थी। लेकिन नुरुल इस्लाम ने सभी को चौंकाते हुए अजय चक्रवर्ती को हरा दिया। तृणमूल कांग्रेस के नुरुल को करीब 480,000 वोट मिले। वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीआई के अजय चक्रवर्ती को 4 लाख 19 हजार वोट मिले। बीजेपी उम्मीदवार स्वपनकुमार दास को 67 हजार 690 वोट मिले। हालांकि, 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद से बीजेपी ने बशीरहाट में अपनी ताकत बढ़ानी शुरू कर दी।
2009 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 6.5 फीसदी वोट मिले थे, लेकिन 2014 में यह बढ़कर 18.36 फीसदी हो गया। हालांकि, बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र तृणमूल के कब्जे में रहा। तृणमूल उम्मीदवार इदरीस अली को 4 लाख 92 हजार वोट मिले। सीपीआई उम्मीदवार नुरुल शेख को 3 लाख 82 हजार वोट मिले। वहीं बीजेपी उम्मीदवार शमिक भट्टाचार्य को 2 लाख 33 हजार वोट मिले। कांग्रेस के अब्दुर रहीम काजी को 1 लाख 2 हजार वोट मिले।
2019 में बीजेपी ने बढ़ाई ताकत
2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां अपनी ताकत बढ़ा ली है। 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का वोट शेयर 18.36 फीसदी से बढ़कर 30.12 फीसदी हो गया। बीजेपी के वोटों में करीब 12 फीसदी का इजाफा हुआ। टॉलीवुड की स्टार अभिनेत्री नुसरत जहां 2019 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल का तुरुप का इक्का थीं। नुसरत की लोकप्रियता से बशीरहाट में तृणमूल को अतिरिक्त फायदा हुआ। नुसरत पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 782 हजार वोट पाकर बशीरहाट से सांसद बनीं।
नुसरत जहां के निकटतम प्रतिद्वंद्वी बीजेपी उम्मीदवार सायंतन बोस थे। उन्हें 4 लाख 31 हजार वोट मिले। कांग्रेस के काजी अब्दुर रहीम को 1 लाख 4 हजार वोट मिले। वहीं वोट की राजनीति में कमजोर होने के कारण सीपीआई चौथे स्थान पर आ गयी है। गठबंधन को 1 लाख से भी कम वोट मिले। 1999 के लोकसभा चुनाव में सीपीआई उम्मीदवार पल्लब सेनगुप्ता को 68,000 वोट मिले। लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत गुप्ता लोकसभा चुनाव 1980 एवं 1984 के चुनाव में यहां से निर्वाचित हुए थे।
संदेशखाली कांड बना मुद्दा, सभी की नजर
पिछले कुछ लोकसभा चुनावों के आंकड़े बताते हैं कि बशीरहाट में बीजेपी ने धीरे-धीरे अपनी ताकत बढ़ाई है। फिर, 19वें विधानसभा चुनाव के रूप में बशीरहाट लोकसभा से जुड़े सभी विधानसभा क्षेत्रों पर पूरी तरह से तृणमूल का कब्जा है। ऐसे में क्या संदेशखाली के मुद्दे पर बीजेपी बाजी पलट सकती है? जिस पर राजनीतिक गलियारों की नजर है।
2024 के उम्मीदवार
तृणमूलः हाजी नूरूल इस्लाम
भाजपाः रेखा पात्रा
माकपाः निरापद सरदार
आईएसएफः मो. शाहिदुल इस्लाम मोल्ला
एसयुसीआईः गाउद गाजी
2019 का रिजल्ट
तृणमूलः 7,82,078
भाजपाः 4,31,709
कांग्रेसः 1,04,183
2021 का रिजल्ट
बादुरियाः तृणमूल
हारोआः तृणमूल
मिनाखाः तृणमूल
संदेशखालीः तृणमूल
हिंगलगंजः तृणमूल
बशीरहाट उत्तरः तृणमूल
बसिरहाट दक्षिणः तृणमूल
कुल मतदाताः 17,50,590
कुल बुथों की संख्याः 2427