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टाला थाने के एसआई व डाक्टरों से हुई मैराथन पूछताछ
कोलकाता। आरजी कर मामले में सीबीआई की नजर अब अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के करीबियों पर है। सीबीआई इस मामले में मैराथन पूछताछ कर रही हैं। रविवार को भी पूछताछ का सिलसिला जारी है। इस बीच, सीबीआई के अधिकारियों ने आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष के कथित करीबी बिरुपक्ष बिस्वास से दूसरे दिन भी पूछताछ की है। आरजी कर कांड के बाद बिरुपक्ष बिस्वास को बर्दवान मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से दक्षिण 24 परगना जिले के सुदूर काकद्वीप अस्पताल में तबादला कर दिया गया था।
सीबीआई ने शनिवार को आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के पूर्व सहयोगी बिरुपक्ष बिस्वास अन्य चिकित्सकों- अविक डे, रंजीत साहा और सौरभ पॉल से पूछताछ की थी। रविवार को एक बार फिर बिरुपक्ष बिस्वास और अभिक डे को सीजीओ काम्पलेक्स में पूछताछ के लिये तलब किया गया था। इसके अलावा टाला थाने के एसआई और जूनियर डॉक्टर सौरव पाल भी सीबीआई कार्यालय पूछताछ के लिये पहुंचे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विरुपाक्ष विश्वास का बार-बार जिक्र क्यों किया जा रहा है। विरुपाक्ष शनिवार को घंटो पूछताछ का सिलसिला चला था और आधी रात को वो सीबीआई कार्यालय से बाहर आये थे। रविवार सुबह 11 बजे वह दोबारा सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे। बिरूपक्ष को लेकर आरजी कर के पूर्व चिकित्सक का कहना हैं कि आरजी कर अस्पताल में थ्रेड कल्चर चलता हैं ऐसे में अब जब सीबीआई उनसे पूछताछ कर रही हैं तो हमें उम्मीद हैं कि मामले के रहस्य से पर्दा उठेगा।
बता दें कि इस मामले में सीबीाई ने अब तक करीब 100 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। नौ अगस्त को लेडी डॉक्टर की मौत के बाद इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें सिविक वॉलेंटियर संजय रॉय, आरजी कर के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और टाला के पूर्व ओसी अभिजीत मंडल शामिल हैं। सीबीआई अधिकारी ने बताया, 'रविवार सुबह पूछताछ शुरू हुई चूंकि आरजी कर अस्पताल मामले के संबंध में दोनों डॉक्टर से शनिवार को अलग-अलग पूछताछ की गई थी लेकिन रविवार को दोनों को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की गयी है।
सीबीआई सूत्रों की माने तो पूछताछ के जरीये दोनों से ये पता लगाया जा रहा है कि ये दोनों ही डॉक्टर 9 अगस्त को अस्पताल में देखे गए थे, जबकि उनका वहां जाने का कोई आधिकारिक कार्यक्रम नहीं था। ऐसे में उनसे वहां जाने की वजह के बारे में पूछा गया। ये दोनों ही डॉक्टर बर्दवान मेडिकल कॉलेज में तैनात थे। ऐसे में सीबीआई यह जानना चाहती थी कि ये दोनों वारदात वाले दिन आरजी कर अस्पताल में क्या कर रहे थे? लेडी डॉक्टर के रेप-मर्डर वाली वारदात के बाद संदीप घोष उनसे क्या बात कर रहा था? इसके साथ ही सीबीआई ने पूछा कि कोलकाता पुलिस ने डॉ. अविक को फॉरेंसिक एक्सपर्ट के तौर पर क्यों पेश किया? बिस्वास को हाल ही में पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग ने बर्दवान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से दक्षिण 24 परगना जिले के सुदूर काकद्वीप अस्पताल में ट्रांसफर किया था।
सीबीआई अधिकारी ने बताया कि बिस्वास कथित तौर पर मेडिकल कॉलेजों में चल रहे 'नॉर्थ बंगाल लॉबीÓ का हिस्सा हैं और उन्हें 9 अगस्त को आरजी कर अस्पताल में देखा गया था। उसी दिन लेडी ट्रेनी डॉक्टर की लाश अस्पताल के सेमिनार हॉल में मिला था।
पश्चिम बंगाल के डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों और अधिकारियों के एक समूह को 'नॉर्थ बंगाल लॉबीÓ कह रहे हैं, जिन्होंने कथित तौर पर छात्रों को धमकाया था। बिस्वास और दो अन्य डॉक्टरों – अविक डे और रंजीत साहा के खिलाफ पश्चिम बंगाल के कई मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में छात्रों को कथित रूप से धमकाने के आरोप में बहुबाजार पुलिस थाने में केस भी दर्ज है।