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उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को जल्द लागू करने की कवायद तेजी से हो रही है।
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को जल्द लागू करने की कवायद तेजी से हो रही है। शुक्रवार को नियमावली बनाने के लिए गठित समिति ने अपना ड्राफ्ट सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दिया है। इस नियमावली में मुख्य रूप से चार भाग हैं। जिसमें विवाह एवं विवाह-विच्छेद लिव-इन रिलेशनशिप, जन्म एवं मृत्य पंजीकरण तथा उत्तराधिकार सम्बन्धी नियमों के पंजीकरण सम्बन्धी प्रक्रियाएं उल्लिखित है।
जन सामान्य की सुलभता के दृष्टिगत इसके लिए एक पोर्टल और मोबाइल एप भी तैयार किया गया है, जिससे कि पंजीकरण व अपील आदि की समस्त सुविधाएं जन सामान्य को ऑनलाइन माध्यम से सुलभ हो सकेगा।
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार अब नियमावली का अध्ययन करेगी। यह कानून सबकी समानता के लिए है, किसी को घबराने की जरुरत नही है। सरकार सभी के सुझाव आमंत्रित करती है।यह कानून किसी को परेशान करने के लिए नहीं लाया जा रहा। इस मौके पर यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) रूल्स मेकिंग एंड इंप्लीमेंटेशन कमेटी के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की घोषणा के अनुसार आगामी 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस के दिन या उससे पहले राज्य सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून उत्तराखंड 2024 को लागू कर सकती है।