राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना दुर्भाग्यपूर्ण, दोषियों को मिले कठोर दंडः संघ
उन्होंने कहा कि बिमान बोस हमेशा नेतृत्व पदों पर नए और युवा लोगों को शामिल करने के पक्ष में थे
कोलकाता। वरिष्ठ माकपा नेता और बंगाल में वाममोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस को सोमवार रात से तेज बुखार और गंभीर बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बिमान बोस 88 वर्ष के हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार बिमान बोस सोमवार शाम को उत्तर दिनाजपुर और मालदा जिलों में चुनाव प्रचार के साथ साथ पार्टी की एक संगठनात्मक बैठक में शामिल होने के बाद कोलकाता लौट आए। लेकिन फेंफड़े में संक्रमण और तेज बुखार के कारण उन्हें अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक फिलहाल उनकी शारीरिक स्थिति स्थिर है। एंटीबायोटिक्स दी जा रही हैं। उनके फेफड़ों में संक्रमण है। उनके खून की जांच की गयी हैं। माकपा की राज्य समिति के एक सदस्य ने कहा कि जब वह मालदा में ही थे तो उन्हें बेचैनी महसूस होने लगी। लेकिन असुविधा को नजरअंदाज करते हुए वहां पार्टी का कार्यक्रम पूरा किया और वापस कोलकाता आ गये। सोमवार रात से उनका बुखार और बेचैनी बढ़ गई। लेकिन शुरुआत में उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर दिया। बाद में पार्टी नेताओं द्वारा आश्वस्त किए जाने के बाद वह सहमत हुए। पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य मो. सलीम ने कहा कि बिमान बोस को कुछ चिकित्सा परीक्षणों से गुजरना होगा जिसके बाद उनकी सटीक बीमारियों का पता चलेगा।
राज्य समिति के एक सदस्य ने कहा कि अपनी उम्र के बावजूद बोस संगठनात्मक गतिविधियों में अपने से कई छोटे साथियों की तुलना में अधिक सक्रिय हैं जो अविश्वसनीय है कि 84 साल की उम्र में वह युवा साथियों की तुलना में तेज़ गति से चलते हुए रैलियों का नेतृत्व करते हैं। वह नियमित रूप से जिलों का दौरे भी करते हैं और पार्टी कार्यक्रमों और रैलियों को संबोधित भी करते हैं। उन्होंने कहा कि बिमान बोस हमेशा नेतृत्व पदों पर नए और युवा लोगों को शामिल करने के पक्ष में थे। बता दें कि 88 साल का यह वामपंथी नेता बेहद सख्त जिंदगी जीते हैं। अलीमुद्दीन का ऑफिस ही उनका पता है। सूत्रों के मुताबिक बिमान पहले तो अस्पताल जाने के लिए राजी नहीं हुए। वह अलीमुद्दीन स्ट्रीट स्थित पार्टी कार्यालय में इलाज कराना चाहते थे। काफी समझाने के बाद बिमान को अस्पताल ले जाया गया।