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आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है
कोलकाता। साइबर अपराध के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए कोलकाता पुलिस ने तीन ठगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम आलमगीर मोल्ला (30), मिनजरुल मोल्ला (35), और सुमन मांडी (32) है। तीनों नदिया जिले के रहनेवाले है। आरोप है कि शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के माध्यम से एक नकली ट्रेडिंग प्रोग्राम पिनेकल में निवेश करने के लिए फंसाया गया।
जानकारी के अनुसार, हरिदेवपुर के निवासी तरुण कुमार सरकार ने साइबर थाना में शिकायत की। उन्होनें बताया कि अक्टूबर 2024 में उन्हें व्हाट्सएप पर पिनेकल नामक कार्यक्रम से जुडऩे का निमंत्रण मिला। ठगों ने दावा किया कि इस कार्यक्रम में उन्हे ट्रेडिंग से जुड़े जानकारी दी जाएगी जंहा से उन्हें लाभ मिलेगी। उन्होंने शिकायतकर्ता से एक ऐप डाउनलोड करवाया और धीरे-धीरे उन्हें लॉन्ग-टर्म ट्रेडिंग में निवेश करने को कहा। शिकायतकर्ता ने 1.78 करोड़ निवेश किए लेकिन उन्हें लाभ नहीं मिला। जिलके बाद, तरुण को एहसास हुआ कि यह एक धोखाधड़ी है। जांच के बाद पुलिस ने कृष्णानगर कोतवाली थाना और मीराबाजार कालिगंज थाना के अंतर्गत दो स्थानों पर छापेमारी की और आरोपियों को पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल किए गए कई सामान बरामद किए।
पुलिस ने एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक और पासबुक जब्त किए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह फर्जी ऐप और ट्रेडिंग कार्यक्रम के जरिए भोले-भाले लोगों को ठग रहा था। आरोपियों से पूछताछ जारी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
78 लाख की धोखाधड़ी, दो गिरफ्तार
रियल एस्टेट विकास के लिए फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी के मामले में कोलकाता पुलिस की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम सुभाजीत रॉय उर्फ भोम्बल (35) और बिक्रम रॉय (24) है। दोनों को बारासात पुलिस थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। रिची रोड निवासी विशाल डालमिया (49) ने शिकायत दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने आपराधिक साजिश रची और जाली कार्य आदेश तैयार किया और इसे वास्तविक के रूप में इस्तेमाल करके शिकायतकर्ता को सोदेपुर के अमरावती में एक भूमि के रियल एस्टेट विकास के लिए कई किस्तों में 78,90,000/- रुपये का भुगतान करने के लिए प्रेरित किया। आरोपियों ने 78,90,000/- रुपये की राशि का गबन किया और उसका लाभ उठाया।