वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
लोन दिलाने के लिये लिया था 14 लाख वापस नहीं किया तो कर लिया अपहरण
कोलकाता। गोलपार्क के रहने वाले युवक की अपहरण की शिकायत मिलने के महज 8 घंटे के अंदर ही पुलिस ने इस अपरण कांड के मुखिया सहित 3 लोगों को गिरफ्तार कर अपह्रत व्यक्ति को सुरक्षित बचा लिया। घटना रविन्द्र सरोवर थाना इलाके के गोलपार्क की है। पुलिस ने इस घटना में हाबरा से चारूर अहमद (34), मिथुन बैद्य (23) और चितरंजन रॉय को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में से दो को चारूर अहमद व मिथुन बैद्य को गुरूवार को ही अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया जहाँ से अदालत ने दोनों को पूछताछ के लिये पुलिस रिमांड में भेज दिया हैं जबकि चितरंजन रॉय को गिरफ्तार कर देर रात कोलकाता लाया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार बुधवार को सुचिस्मिता लाहिड़ी ने अपने पति के अपहरण की शिकायत रवींद्र सरोवर थाने में दर्ज करावाया था। महिला ने बताया कि 22 जनवरी को उनके पति कौशिक लाहिड़ी ऑफिस के काम से पुरी जाने के लिए घर से निकले थे लेकिन पिछले रविवार को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन के दूसरी ओर से एक पुरुष की आवाज आई कि उसके पति का अपहरण कर लिया गया है। फोन करने वालों ने सुचिस्मिता से कौशिक को छोडऩे के लिये 14 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। साथ ही कहा कि अगर दो दिनों में 14 लाख रुपये नहीं दिया जायेगा तो परिणाम खराब होगा। पति के अपहरण की घटना के बाद सुचिस्मिता डर गयी और अपने पति के खाते में ऑनलाइन 50,000 रुपया फिरौती के रूप में भेज दिया। इसके बाद जब उसका पति वापस नहीं लौटा तो उसने बुधवार को पुलिस से घटना की शिकायत की । घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अपहृत युवक की तलाश में रवींद्र सरोबर पुलिस स्टेशन और लालबाजार द्वारा संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया और कौशिक के फोन के टावर लोकेशन व अपहरणकर्ताओं के फोन के टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उत्तर 24 परगना के हाबरा स्थित में छापेमारी कर कौशिक को बरामद कर लिया। साथ ही पुलिस ने चारूर अहमद व मिथुन बैद्य को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया। साउथ इस्ट डिवीजन के उपायुक्त भोलानाथ पांडे ने ताजा टीवी को बताया कि घटना में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किये गये लोगों में मिथुन वैद्य और चरूर अहमद वैद्य उर्फ ??'चिरू' के साथ साथ इस वारदात का मास्टर माइंड चितरंजन रॉय शामिल हैं। उन्होंने बताया कि चिंतरंजन ने ही कौशिक को पूरी से कार में लेकर हाबरा पहुँचा था जहाँ उसका अपहरण चारूर अहमद व मिथुन बैद्य ने मिलकर किया। गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 140(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भोलानाथ पाडेंय ने बताया कि आरोपी और पीडि़त सभी एक दूसरे के पूर्व परिचित हैं। प्राथमिक जांच में पता चला हैं कि कौशिक ने गिरफ्तार आरोपियों करोड़ों रुपये के लोन दिलाने के बहाने करीब 14 लाख रुपया लिया था। रुपये लेने के बाद कौशिक ने ना तो उनका काम किया और ना ही पैसे वापस किये। गिरफ्तार आरोपियों ने कई बार कौशिक को पैसे देने के लिये कहा लेकिन कौशिक उन्हें टालता रहा जिसके बाद चितरंजन रॉय ने कौशिक के अपहरण की योजना बनायी और अपने साथ चारूर अहमद व मिथुन बैद्य को भी ले लिया। चितरंजन ने कौशिक को कोलकाता छोडऩे के बहाने अपने कार में बैठाया और फिर उसे सीधे हाबड़ा लेकर पहुँचा और फिर उसे चारूर अहमद व मिथुन बैद्य को सुपुर्द कर दिया। इस अपहरणकांड को लेकर पुलिस के सामने कई सवाल हैं जिसका जवाब पुलिस तलाश रही हैं। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल हैं कि जब सुचिस्मिता को अपहरण की खबर 26 जनवरी को ही मिल गयी थी तो उसने पुलिस में शिकायत 3 दिनों के बाद 29 जनवरी को क्यों किया? पुलिस के लिये दूसरा सवाल हैं कि आखिर पिनकॉन जैसे नामी गिरामी कंपनी के मालिक का भाई होकर चितरंजन इस वारदात में कैसे शामिल हुआ? बहरहाल पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं और अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के साथ साथ अपह्रत व्यक्ति से भी पूछताछ कर इस घटना के रहस्य से पर्दा उठाने में जुटी हैं।