मेडिकल कॉलेज में रोगी के परिवारवालों ने उठाया सुरक्षा पर सवाल
कोलकाता। कोलकाता मेडिकल कॉलेज से अमुमन हर कोई परिचित हैं कि अस्पताल में मरीज व उनके परिजनों की भीड़ किस कदर होती हैं। रोज की तरह ही शनिवार रात को भी अस्पताल में भीड़ थी। भीड़ अभी तक तितर-बितर नहीं हुई थी। इस बीच मरीज के परिजन विभिन्न जरूरतों के लिए इधर-उधर भटक रहे थे। व्यस्त कलकत्ता मेडिकल कॉलेज की यह तस्वीर कमोबेश सभी को परिचित है।
भीड़ को रोकने के लिए, अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिवारों की निगरानी के लिए पुलिस को तैनात किया जाता है। हालाँकि शनिवार की रात को कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल के परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी को देखकर सभी स्तब्ध रह गये। घड़ी बता रही थी कि समय 10 से 10.30 के बीच का था।
इमरजेंसी विभाग के सामने एक पुलिस अधिकारी अचानक जमीन पर गिर गया। पहले लगा की शायद गर्मी के कारण सर चकराने के कारण वो गिर गया हैं या फिर उसकी तबियत खराब हैं। मरीज के परिजनों ने डाक्टर को बुलाया और वहाँ तैनात अन्य पुलिसकर्मी भी पहुँच गये। जांच के बाद पता चला कि उसका नाम अरुण कुमार दास हैं जो कोलकाता पुलिस का जवान हैं और उसे आपातकालिन विभाग के बाहर ड्यूटी पर तैनात किया गया था। कथित तौर पर पुलिस अधिकारी नशे में धुत होकर ड्यूटी पर था।
हालाँकि, अत्यधिक नशे के कारण वह अपना संतुलन खो बैठा। वह ज़मीन पर गिर पड़ा और शराबियों जैसी हरकतें करने लगा। खबर मिलते ही अस्पताल से अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और नशे में धुत पुलिस अधिकारी को पकड़ लिया और उसे अंदर ले गये। स्वाभाविक रूप से इस घटना में पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं। जहां पुलिस का काम सुरक्षा प्रदान करना है, अगर पुलिस खुद शराब के नशे में धुत होगी तो आम लोग किस पर भरोसा करेंगे? मरीज के रिश्तेदार सवाल उठा रहे हैं। इस घटना से अस्पताल में भारी हंगामा मच गया।