Please wait
वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए Sudhir wins historic अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रेड रोड में भव्य आयोजन, पीएम मोदी बोले - योग मानव चेतना से जुड़ने का जरिया Sudhir wins historic झारखंड राज्यसभा चुनाव: झामुमो के बैद्यनाथ राम और निर्दलीय परिमल नथवानी विजयी Sudhir wins historic फलता हिंसा पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, बोले- कोई कानून हाथ में न ले, हमलावरों की संपत्ति भी होगी जब्त Sudhir wins historic वरिष्ठ तृणमूल नेता और पूर्व मंत्री उदयन गुहा गिरफ्तार Sudhir wins historic फुटपाथ पर मुड़ी-घुघनी खाते दिखे मंत्री शंकर घोष Sudhir wins historic पारसी फायर टेम्पल से हटेगा अवैध कब्जा Sudhir wins historic ममता बनर्जी को एक और झटका, पूर्व मंत्री मानस भुइयां ने तृणमूल कांग्रेस छोड़ी Sudhir wins historic असम में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सीधे आधार नहीं : डॉ. हिमंत बिस्व सरमा Sudhir wins historic असम के जोरहाट में वायु सेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पांच जवान बलिदान Sudhir wins historic

नकली दवाओं के गोरखधंधा पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

स्वास्थ्य भवन के सूत्रों के अनुसार, अस्पतालों में नियमित रूप से आवश्यक दवाओं की सूची हर साल तैयार की जाती है। इनमें से कुछ दवाएं सर्जरी के लिए आवश्यक होती हैं, जबकि अन्य दवाएं बुखार, जुकाम, हृदय रोग और मस्तिष्क आघात (ब्रेन स्ट्रोक) बचाव के लिए आवश्यक होती हैं।
 

06 Apr 2025

नकली दवाओं के गोरखधंधा पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

कोलकाता। नकली दवाओं का अवैध कारोबार खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग पहले से ही दिशा-निर्देश जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव नारायण स्वरूप निगम ने सभी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा कर्मचारियों को नकली दवाओं के व्यापार को रोकने के लिए विशेष कदम उठाने को कहा है। निगम ने कहा कि जांच प्रक्रिया की जानकारी दे दी गई है।

स्वास्थ्य भवन के सूत्रों के अनुसार, अस्पतालों में नियमित रूप से आवश्यक दवाओं की सूची हर साल तैयार की जाती है। इनमें से कुछ दवाएं सर्जरी के लिए आवश्यक होती हैं, जबकि अन्य दवाएं बुखार, जुकाम, हृदय रोग और मस्तिष्क आघात (ब्रेन स्ट्रोक) बचाव के लिए आवश्यक होती हैं।

स्वास्थ्य भवन के एक अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल सहित देश भर के विभिन्न अस्पतालों में बीमारियों को कम करने के लिए लगभग एक हजार 700 दवाओं की आवश्यकता है। दुर्लभ और अति-दुर्लभ बीमारियों के लिए दवाओं और इंजेक्शनों के लगभग 300 विभिन्न समूह हैं। ये दवाएं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से खरीदी जाती है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि मिलावटी दवाओं पर नियंत्रण की जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज या अस्पताल के सीनियर रेजिडेंट या असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर की होगी।

प्रत्येक दवा या इंजेक्शन के उपयोग से पहले बैच संख्या दर्ज की जानी चाहिए। दिन के अंत में इसे अस्पताल के उप-प्राचार्य (चिकित्सा) के पास भेजा जाना चाहिए। सभी सूचनाएं चौबीस घंटे के भीतर जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी या जिला मजिस्ट्रेट को भेजी जानी चाहिए। नकली दवाओं की पहचान के लिए लगातार अभियान चलाए जाएंगे।

Ad Image
Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


नकली दवाओं के गोरखधंधा पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने
स्वास्थ्य भवन के सूत्रों के अनुसार, अस्पतालों में नियमित रूप से आवश्यक दवाओं की सूची हर साल तैयार की जाती है। इनमें से कुछ दवाएं सर्जरी के लिए आवश्यक होती हैं,





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News