डायमंड हार्बर में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नया मामला, ‘सेवाश्रय’ शिविर जांच के घेरे में
उत्तर बंगाल के चाय क्षेत्र का जिक्र करते हुए सलीम ने केंद्र और ममता बनर्जी सरकार की भी आलोचना की
कोलकाता। सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने आरोप लगाया कि बंगाल में सरकारी मदरसों में शिक्षकों को वेतन देने के नाम पर सरकारी धन की हेराफेरी की जा रही है। सलीम ने संवाददाताओं से कहा कि मदरसों में फर्जी शिक्षक हैं। कुछ ऐसे लोग जो इन संस्थानों में कभी पढ़ाते ही नहीं, उनका नामांकन कर दिया गया है और उनके वेतन के रूप में पैसे निकाले जा रहे हैं। सीपीएम नेता ने स्कूल सेवा आयोग घोटाले को लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला, जिससे हजारों स्कूली शिक्षक अनिश्चितता में हैं।
उन्होंने कहा कि अदालत ने बार-बार उन लोगों के नामों की सूची मांगी है जिन्होंने शिक्षकों की नौकरी पाने के लिए पैसे दिए हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री और उनकी सरकार ने इसे जमा नहीं किया। सीबीआई जांच से पता चला है कि ऐसे कई उम्मीदवार हैं। निष्पक्ष तरीके से नौकरी पाने वाले शिक्षकों के हितों के लिए काम करने के बजाय, राज्य सरकार उन लोगों की मदद करने पर आमादा है जिन्होंने नौकरी पाने के लिए भ्रष्टाचार किया है। सलीम ने कहा कि प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में भी इसी तरह का घोटाला हुआ है। हमें विश्वास है कि यह भी समय के साथ साबित हो जाएगा। उत्तर बंगाल के चाय क्षेत्र का जिक्र करते हुए सलीम ने केंद्र और ममता बनर्जी सरकार की भी आलोचना की।
चुनावों से पहले, प्रधानमंत्री और केंद्रीय वित्त मंत्री उत्तर बंगाल आए थे और चाय श्रमिकों के विकास और चाय उद्योग में सुधार के लिए लंबे-चौड़े वादे किए थे। मुख्यमंत्री ने भी कुछ वादे किए थे। हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारों ने उद्योग और उसके श्रमिकों के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने जो कुछ भी कहा वह खोखले वादे साबित हुए। उत्तर बंगाल में कई चाय बागान बंद हैं। साथ ही, आरोप है कि कुछ चाय बागान मालिक श्रमिकों की भविष्य निधि जमा नहीं कर रहे हैं।