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जयंत सिंह के अवैध महल तोडऩे के लिये कामारहाटी नगरपालिका ने जारी किया टेंडर
कोलकाता। अडिय़ादह के मौसमी मोड़ के पास तीन मंजिला सफेद महल, जिसे इलाके में डॉन जयंत सिंह का किला कहा जाता था, अब टूटने के कगार पर है। कामारहाटी नगरपालिका ने इस अवैध निर्माण को ढहाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। शनिवार को बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव पास होते ही प्रक्रिया शुरू कर दी गई। तीन साल पहले जयंत सिंह ने एक परित्यक्त जलाशय की जमीन कब्जा कर रातोंरात वहां निर्माण शुरू कर दिया था। बिना अनुमति के बना यह आलीशान मकान इलाके में चर्चा का विषय बन गया था। स्थानीय लोगों ने शिकायत की तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौरांग कांत की डिविजन बेंच ने आदेश दिया था कि निर्माण अवैध है और इसे चार सप्ताह के भीतर तोड़ा जाए। बावजूद इसके लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हो पाई। नगरपालिका ने संसाधनों की कमी बताकर मामले को टाल दिया। अब जब कोर्ट के आदेश को तीन महीने बीत चुके हैं, तो कामारहाटी नगरपालिका ने आखिरकार टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंडर की सूचना ऑनलाइन पोर्टल और अखबारों में जारी की जा रही है। जयंत सिंह के पास दो मकान हैं। एक पुश्तैनी मकान, जिसमें खाटाल चलता है।
दूसरा, विवादित महल जो जलाशय की ज़मीन पर बना है। आरोप है कि इस जमीन पर फर्जीवाड़ा कर कब्जा किया गया और उसके बाद भव्य निर्माण खड़ा कर दिया गया। नगरपालिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब आदेश को टालने का कोई विकल्प नहीं है। टेंडर के ज़रिए कार्रवाई जल्द शुरू होगी। हम सुनिश्चित करेंगे कि अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त संदेश जाए। जयंत सिंह जैसे दबंगों के खिलाफ कार्रवाई में प्रशासन की देरी अक्सर सवालों के घेरे में रही है लेकिन अब अदालत की सख्ती और जनदबाव के चलते अधिकारी भी एक्शन मोड में आ गए हैं। यह मामला आने वाले समय में बंगाल में अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई का एक उदाहरण बन सकता है।