वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
कांग्रेस ने साफ किया है कि वे इस घटना को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे, और अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक आवाज उठाएंगे
कोलकाता। महेशतल्ला कांड को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। घटना के बाद पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में एक कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को रवींद्रनगर इलाके का दौरा करने पहुंचा, लेकिन पुलिस ने उन्हें स्थानीय क्षेत्र का निरीक्षण करने से रोक दिया।प्रतिनिधिमंडल वहां महेशतला की घटना के बाद की स्थिति का जायजा लेने और पीडि़तों से मिलने गया था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने उन्हें आगे बढऩे की अनुमति नहीं दी। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच काफी बहस भी हुई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार विपक्षी नेताओं को सच्चाई जानने नहीं दे रही है। यह लोकतंत्र के खिलाफ है। पुलिस को सत्ता के दबाव में काम नहीं करना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे शांति से पीडि़तों के हाल जानने गए थे, लेकिन उन्हें रोककर सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है।
वहीं पुलिस का कहना है कि इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल को दौरे की इजाज़त देने से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी। इसी वजह से उन्हें रोका गया।हाल ही में महेशतला में हुई हिंसक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस घटना में स्थानीय स्तर पर झड़प, तोडफ़ोड़, और जबरन वसूली जैसी गंभीर आरोप सामने आए हैं। राजनीतिक दल इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बता रहे हैं। कांग्रेस ने साफ किया है कि वे इस घटना को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे, और अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक आवाज उठाएंगे।