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नहीं रहेगी अभिषेक बनर्जी की फोटो: सुदीप बंद्योपाध्याय
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की 21 जुलाई की वार्षिक शहीद दिवस रैली को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। इस बीच पार्टी के भीतर 'तस्वीर राजनीतिÓ को लेकर फिर से चर्चा तेज हो गई है। पार्टी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष के पोस्टरों में केवल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर ही रहेगी। पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की कोई तस्वीर रैली के आधिकारिक प्रचार सामग्री में नहीं होगी। शनिवार को भवानीपुर स्थित पार्टी कार्यालय में 21 जुलाई की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई थी।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि कैमैक स्ट्रीट कार्यालय से जो पेनड्राइव आई है, उसमें भेजे गए पोस्टरों में केवल ममता बनर्जी की तस्वीर है। अभिषेक बनर्जी ने स्वयं कहा है कि वह इस बार की तैयारियों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हैं। इसी कारण उनकी तस्वीर नहीं रखी गई है। सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि 21 जुलाई की रैली 2026 के चुनाव से पहले शक्ति प्रदर्शन का एक बेहतरीन मंच होगा। कोलकाता में आज जितनी भी पार्टियों ने समावेश किए हैं, ये उन सब पर भारी पड़ेगा। बताते चलें कि इससे पूर्व 2023 में नेताजी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक बैठक के पोस्टरों में भी केवल ममता बनर्जी की तस्वीर थी, जिस पर पार्टी नेता कुणाल घोष ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे। वर्ष 2025 की शुरुआत में अभिषेक बनर्जी के कार्यालय से भेजे गए कैलेंडर में उनकी तस्वीर ममता बनर्जी की तुलना में अधिक प्रमुखता से छपी थी, जिस पर संगठन के भीतर असंतोष उभरा था। विवाद के बाद वह कैलेंडर बदला गया था। राजनीतिक हलकों में यह कदम पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
तृणमूल सुप्रीमो पहले ही यह साफ कर चुकी हैं कि संगठन में अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा और आगामी वर्षों तक वह पार्टी का नेतृत्व करती रहेंगी। 21 जुलाई की रैली को तृणमूल कांग्रेस अपनी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखती है। इस वर्ष के पोस्टर से अभिषेक बनर्जी की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक विश्लेषक इसे संगठनात्मक प्राथमिकताओं में बदलाव और स्पष्ट नेतृत्व रेखा के तौर पर देख रहे हैं।