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'टोपी पहनकर और दाढ़ी रखकर जो किया जा सकता है, वो बिना टोपी-दाढ़ी नहीं'
कोलकाता। धार्मिक पहचान को ढाल बनाकर करोड़ों की ठगी करने वाले कथित 'पीरजादा' को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम सैयद नाजि़मुद्दीन हुसैन है, जो खुद को फुरफुरा शरीफ का पीरजादा बताकर दिल्ली समेत कई राज्यों में लोगों को ठगता था। इस पूरे मामले को लेकर अब फुरफुरा शरीफ के धर्मगुरु तोहा सिद्दीक़ी ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सैयद नाजि़मुद्दीन की पहचान पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि वह फुरफुरा शरीफ का कोई पीरजादा नहीं है। उसे स्नेहाशिष चक्रवर्ती ने 'पीरजादाÓ बनाया है।
हालांकि इस आरोप पर तृणमूल नेता स्नेहाशिष चक्रवर्ती ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। 21 जून को दिल्ली के सरिता विहार थाना में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि सैयद नाजि़मुद्दीन हुसैन ने खुद को धार्मिक गुरु बताकर उसके साथ करीब 18 लाख रुपये की ठगी की। जांच में सामने आया कि आरोपी ने बंगाल, ओडिशा, झारखंड सहित कई राज्यों में इसी तरह खुद को 'फुरफुरा शरीफ के पीरजादाÓ बताकर लोगों को झांसे में लिया और मोटी रकम वसूली।
तोहा सिद्दीक़ी ने दावा किया है कि नाजि़मुद्दीन के ऊपर 6 लाख रुपये उनके भी बकाया हैं, और सिर्फ वही नहीं, दर्जनों लोग ऐसे हैं जो उससे करोड़ों रुपये वापस पाने की उम्मीद में हैं। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि टोपी पहनकर और लंबी दाढ़ी रखकर जो ठगी की जा सकती है, वो बिना टोपी-दाढ़ी नहीं हो पाती। लोग आस्था के नाम पर लूट लिए जाते हैं। दिल्ली पुलिस ने आरोपी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए कई बार बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। बाद में उसने अग्रिम ज़मानत के लिए अदालत का रुख किया, लेकिन याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड के बाद तिहाड़ जेल भेज दिया। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के पास से मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और अन्य कागजात बरामद हुए हैं, जिनसे ठगी के सबूत मिलने की संभावना है। बैंक ट्रांजैक्शन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि ये केवल ठगी का एक सिरा है। बाकी पीडि़तों को सामने आने के लिए कहा गया है, जिससे आरोपी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। धार्मिक पहचान और वेशभूषा के भरोसे किया गया यह धोखाधड़ी का खेल अब कानून के शिकंजे में आ चुका है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इस फर्जी पीरजादा को संरक्षण कौन दे रहा था?