कुणाल घोष ने बीजेपी को बृजभूषण और माकपा को तापसी की याद दिलाई
कोलकाता। क़सबा लॉ कॉलेज में छात्रा से कथित सामूहिक बलात्कार के मामले में अब सत्तारूढ़ तृणमूल खुलकर सामने आई है। शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा ने कहा कि पीडि़ता के साथ राज्य सरकार खड़ी है। वहीं तृणमूल के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया और उन्हें बृजभूषण शरण सिंह तथा सीपीएम को तापसी मलिक की याद दिलाई। संवाददाता सम्मेलन कर शशि पांजा ने कहा कि ऐसी घटनाएं दुखद हैं। जिन लोगों ने यह घिनौना अपराध किया, उन्हें जेल भेजा गया है। हम पीडि़ता के साथ हैं। लेकिन यह भी कह दूं कि अपराध को लेकर राजनीति करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए यह भी सवाल उठाया कि राज्य विधानसभा से पास होने के 10 महीने बाद भी अपराजिता वुमेन एंड चाइल्ड (वेस्ट बंगाल क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट) बिल 2024 पर राष्ट्रपति की मंज़ूरी क्यों नहीं मिली? उन्होंने कहा कि विधानसभा से बिल सर्वसम्मति से पास हुआ, लेकिन केंद्र में बैठे लोग उसे रोककर महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। वही कुणाल घोष का तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यह देखना जरूरी नहीं कि आरोपी किस पार्टी के हैं। जो भी इस घटना में शामिल हैं, उनकी चमड़ी उधेड़ देनी चाहिए। पुलिस से मांग है कि आरोपियों को कठोरतम सजा मिले। उन्होंने भाजपा को रेसलिंग फेडरेशन केस में आरोपी बृजभूषण शरण सिंह की याद दिलाते हुए पूछा कि आप महिलाओं की सुरक्षा की बात करते हैं, लेकिन बृजभूषण जैसे नेताओं को पार्टी में क्यों बनाए रखते हैं? वहीं माकपा को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें तापसी मलिक की दर्दनाक मौत को याद रखना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कथित बलात्कार और जबरन गर्भपात के आरोपी पद्मश्री संत कार्तिक महाराज की गिरफ्तारी की मांग भी की।
टीएमसीपी के राज्य अध्यक्ष तृणांकुर भट्टाचार्य ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मैं कस्बा की घटना की कड़ी निंदा करता हूं। अगर आरोप सही साबित होते हैं। तो मैं मांग करता हूं कि इस घटना में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने आगे कहा कि बलात्कारी का कोई राजनीतिक रंग नहीं हो सकता। मुझे विश्वास है कि प्रशासन सही तरीके से जांच करके दोषियों को सजा देगा। जिस आरोपी को तृणमूल छात्र परिषद का सदस्य बताया जा रहा है। वह वर्तमान में संगठन का सदस्य नहीं है। एक समय जब वह तृणमूल छात्र परिषद में था। लेकिन अब वह कॉलेज का स्टाफ है। इस तरह के हजारों फॉलोअर्स बंगाल में तृणमूल छात्र परिषद के हैं। किसी के फॉलोवर होने का मतलब यह नहीं है कि वह पदाधिकारी बन गया। एक समय में उसे एक बहुत छोटी जिम्मेदारी मिली थी। लेकिन 2022-23 में जो कमेटी बनी थी, उसमें उसका नाम नवीनीकृत नहीं किया गया था। अब वह तृणमूल छात्र परिषद से जुड़ा हुआ नहीं है।
कसबा कांड में पीडि़ता के पक्ष में खड़े होकर तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। साथ ही पार्टी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए महिला सुरक्षा से जुड़े बिल को जानबूझकर अटकाने का आरोप भी लगाया है। घटना को लेकर राज्य की राजनीति तेज़ हो चुकी है और तृणमूल ने यह साफ कर दिया है कि वह न सिर्फ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई चाहती है, बल्कि विपक्षी दलों से भी जवाब मांगेगी।