वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
पुलिस का यह कदम साफ करता है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा
कोलकाता। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, पुलिस अब इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर की दिशा में ले जाने की तैयारी कर रही है, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जा सके। अपहरण की धारा जुडऩे से केस और मजबूत हुआ है। साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में अब पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने एफआईआर में 6 नई धाराएं जोड़ी हैं। इन नए आरोपों में अपहरण की धारा भी शामिल की गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन 6 में से 3 धाराएं गैरजमानती हैं, यानी आरोपियों को अब आसानी से जमानत नहीं मिल पाएगी। यह कदम केस की जटिलता और पीडि़ता के बयान के आधार पर उठाया गया है। पुलिस का कहना है कि घटना के दौरान पीडि़ता को जबरन कॉलेज परिसर में रोका गया, बाहर जाने से मना किया गया और मानसिक रूप से प्रताडि़त किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि उसे जान-बूझकर बार-बार अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। इन तथ्यों के आधार पर अपहरण भी शामिल की गई हैं। इस मामले में मुख्य आरोपी मनोजीत, जाइब और प्रमित को गिरफ्तार किया जा चुका है।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम तीनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर रही है। साथ ही तीनों के मोबाइल कॉल डिटेल्स, लोकेशन ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। गैरजमानती धाराएं वह होती हैं जिनमें गिरफ्तारी के बाद अदालत की अनुमति के बिना जमानत नहीं मिल सकती। इसका मतलब है कि आरोपियों को अब लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। पुलिस का यह कदम साफ करता है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।