इन सबके बीच सोमवार से कॉलेज का दरवाजा एक बार फिर छात्रों के लिए खुल रहा है
कोलकाता। चर्चित लॉ कॉलेज में हुए सामूहिक बलात्कार कांड में मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा उर्फ 'मैंगोÓ और उसके सहयोगियों के आतंक के नए-नए पहलू सामने आ रहे हैं। अब जो खुलासे सामने आए हैं, वे बताते हैं कि कॉलेज कैंपस को 'गैंग ऑफ 8Ó ने न सिर्फ हिंसा का अड्डा बना रखा था, बल्कि नैतिकता के नाम पर खाप पंचायत जैसा आतंक भी फैलाया गया था।
कॉलेज सूत्रों के मुताबिक, 25 जून की सामूहिक बलात्कार की घटना के करीब 10 दिन पहले ही, फस्र्ट ईयर की दो छात्राओं को उनके ब्वॉयफ्रेंड्स के साथ समय बिताने के लिए मनोजित और उसकी टीम द्वारा पकड़ लिया गया। कहा जाता है कि छठी मंजि़ल पर बने एकांत स्थान पर वे छात्राएं अपने दोस्तों के साथ थीं।
सीसीटीवी फुटेज निकाल कर उन्हें दिखाया गया और कॉलेज की 'छविÓ खराब करने का आरोप लगाकर 2000-2000 रुपये जुर्माना वसूला गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कॉलेज के सीसीटीवी सिस्टम तक पहुंच मनोजित और उसके दो अस्थायी सहयोगियों को थी। यही फुटेज दिखाकर छात्राओं को यूनियन रूम में बुलाया गया, जहां मनोजित और उसकी दो करीबी महिला साथी आरएन (कॉलेज यूनियन की जीएस) और एएस ने सार्वजनिक रूप से उन्हें बेइज्जत किया। एक छात्र के अनुसार मनोजित हमें सभ्यता सिखा रहा था, जैसे हम किसी पंचायत में खड़े हों। उसके सामने आरएन और एएस ने उन छात्राओं को बेहद गंदी भाषा में गालियां दीं।
इस घटना के बाद जब कुछ छात्रों ने मनोजित और उसकी गैंग के खिलाफ विरोध जताया, तो व्हाट्सएप ग्रुप पर आरएन और एएस ने उन्हें धमकियाँ दीं। ग्रुप में भेजे गए दो वॉइस नोट्स में आरएन कहती है कि अगर कॉलेज में कोई घटना होती तो दोष हम पर आता। अब भी अगर ज्यादा बोलोगे, तो कॉलेज आओ... हम बता देंगे कि क्या करना है, क्या नहीं। वहीं एएस की आवाज़ में कहा गया कि यह एक ऑफिशियल ग्रुप है। हम जैसा चाहेंगे वैसा करेंगे। अगर ऊपर (छठी मंजि़ल) जाओगे, तो बुरा अंजाम भुगतना होगा। इन धमकियों के बाद कॉलेज में कोई खुलकर कुछ कहने की हिम्मत नहीं जुटा सका और 10 दिन बाद ही उसी कॉलेज में सामूहिक बलात्कार की सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसका मुख्य आरोपी वही मनोजित मिश्रा है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि कॉलेज के सीसीटीवी की एक्सेस कैसे मिली छात्र नेताओं को? छात्राओं से ज़बरन जुर्माना वसूलना क्या आपराधिक मामला नहीं? यूनियन के नाम पर 'खाप पंचायतÓ जैसी गुंडागर्दी को संरक्षण कौन दे रहा था? प्रिंसिपल और प्रशासन इस सब पर क्यों चुप रहे? यह मामला अब कॉलेज की सीमाओं से बाहर निकल कर पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था, छात्र राजनीति और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़ा कर रहा है। कॉलेज परिसर सवालों के घेरे में इसलिए है क्योंकि यूनियन रूम में ही मनोजीत खुलेआम शराब पीता था। इन सबके बीच सोमवार से कॉलेज का दरवाजा एक बार फिर छात्रों के लिए खुल रहा है। ऐसे में अब देखना यही है कि मनोजीत के आतंक के साये में कॉलेज की दहलीज पार करने वाले छात्र कॉलेज खुलने के बाद और क्या-क्या खुलासे करते हैं।
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